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यूपी में लागू होगा वेब बेस क्राइम मैपिंग सिस्टम

Sat, 12 Mar 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sat, 12 Mar 2016 01:40 AM IST
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Web base crime mapping system will be implemented in UP
अाईजी मी‌टिंग
यूपी के सभी जिलों में वेबबेस क्राइम मैपिंग सिस्टम लागू होने लगा जा रहा है। आप जिस शहर में हों, वहां के बारे में जानने के लिए आपको गूगल पर सर्च करते ही क्रिमनल इलाकों का मैप देखने को मिल जाएगा। यह भी पता लग जाएगा कि किन इलाकों में किस तरह का अपराध ज्यादा होता है। क्राइम कंट्रोल में यह सिस्टम मददगार साबित होगा।
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शुक्रवार को पुलिस लाइंस सभागार में क्राइम मैपिंग का प्रस्तुतीकरण एंव उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए आईजी, पीएसी पूर्वी जोन लखनऊ आशुतोष पांडेय ने कहा कि यूपी के आगरा में हरिपर्वत इलाके से ज्यादा संजय पैलेस से वाहन चोरी होते हैं। वेबबेस क्राइम मैपिंग सिस्टम के जरिए हमने उस स्थान को चिहिन्त कराकर प्रचार-प्रसार करा दिया। इसके बाद वहां वाहन चोरी में भारी कमी आई है। मैपिंग से दूसरा फायदा यह है कि लोकल के व्यक्तियों के अलावा बाहर से आने वालों को भी मैपिंग सिस्टम अलर्ट करेगा। इससे यह जानकारी आसानी से मिल जाएगी कि आप किस तरह से अपराध के इलाके से गुजर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर प्रेमनगर में सबसे ज्यादा चेन स्नैचिंग की वारदातें होती हैं। वेब से मैप देखकर इस इलाके में आने वाले लोग खुद ही अलर्ट रहेंगे। इस मौके पर आईजी बरेली जोन विजय सिंह मीना, डीआईजी आशुतोष कुमार, एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी सिटी समीर सौरभ, एसपी देहात यमुना प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाएंगे स्मार्ट पुलिस कर्मी 
बरेली। स्मार्ट पुलिस कर्मी भी व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ेंगे। फेसबुक पर भी सभी को अपना एकाउंट खोलकर समाज के लोगों को जोड़ना है। मुजफ्फनगर में दंगा सोशल मीडिया पर चले एक वीडियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस तरह से वीडियो अपलोड होने के बाद माहौल तो खराब हो जाता है, लेकिन यह पता लगाने में काफी समय लग जाता है कि उसे अपलोड किसने किया। फेसबुक से किसी भी तरह की जानकारी मंगाने के लिए मेल करना होता है। कई दिन में उसका जवाब मिल पाता है। तमाम जानकारियां फेसबुक शेयर नहीं कर रहा है। इसे लेकर रूस और भारत सरकार ने भी फेसबुक के मालिक से नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सिपाही व्हाट्सएप और फेसबुक पर रहकर विवादित वीडियो डालने वालों को सबक सिखा सकते हैं।
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वादी को संतुष्ट करने के सुधरेगी पुलिस की छवि 
आईजी आशुतोष पांडेय ने कहा कि वादी को संतुष्ट करने से ही पुलिस की छवि सुधर सकती है, लेकिन पुलिस का रवैया बिल्कुल उल्टा रहता है। थाने में आते ही पुलिस कर्मी वादी पर ही सवार होने लगते हैं। कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि वादी के बयान लेने के लिए दरोगा जी आरोपियों के वाहन से ही पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि वादी यदि संतुष्ट होगा तो वह अपने इलाके में पुलिस की तारीफ करेगा। इसी से पुलिस की छवि सुधर सकती है। इसलिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है। 
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