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अब लेखाकार का नया ठिकाना लखनऊ जेल

Fri, 11 Mar 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा Updated Fri, 11 Mar 2016 12:29 AM IST
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 A new home is now Accountant Lucknow jail
रिश्वतखोरी में लेखाकार के पकड़े जाने के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को सूना पड़ा वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय। - फोटो : अमर उजाला

बांदा। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में लेखाकार के रंगेहाथ घूस में धरे जाने के बाद रिश्वत के लिए बदनाम इस कार्यालय में सन्नाटा है। अन्य कर्मचारी भी चौकन्ना हैं।

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दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कार्यालय में कर्मचारियों के चेहरे पर एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का खौफ साफ नजर आ रहा था। उधर, टीम द्वारा लखनऊ ले जाए गए लेखाकार नंद किशोर यादव को लखनऊ सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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जिला पंचायत कार्यालय परिसर स्थित बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के लेखाकार को सहायक अध्यापक से प्रोन्नत वेतनमान लगाने के लिए 10 हजार रुपये लेते हुए झांसी से आई एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को कार्यालय में ही रंगेहाथ पकड़ा था।
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कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद टीम उसे हथकड़ी डालकर लखनऊ ले गई। टीम प्रभारी इंस्पेक्टर शरद प्रताप सिंह ने बताया कि गुरुवार को सुबह लखनऊ स्थित एंटी करप्शन अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

उधर, वित्त लेखाधिकारी के कार्यालय में बृहस्पतिवार को नजारा काफी बदला हुआ था। जेल गए लेखाकार की सीट खाली थी। उसके कक्ष में तीन अन्य सीटों पर काम करने वाले लिपिक भी खामोश थे। वेतन, भत्ते या बकाया आदि के लिए रोजाना चक्कर लगाने वाले परिषदीय अध्यापकों से इन लिपिकों का बर्ताव भी काफी बदला नजर आया। पैसे के लेन-देन की बात भी करने से सब कतरा रहे।

लेखाकार के घर मेें भी टीम का छापा
बांदा। एंटी करप्शन टीम ने लेखाकार को कार्यालय में दबोचने के बाद बुधवार को शाम उसके घर में भी दबिश डाली। स्वराज कालोनी स्थित लेखाकार के आलीशान मकान में देर तक छानबीन की। लेखाकार के घर वालों से पूछताछ की। टीम प्रभारी इंस्पेक्टर शरद प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण अभिलेख घर में मिले। इनकी जांच पड़ताल की जा रही है।

सहायक लेखाकार को मिला चार्ज
बांदा। लेखाकार नंद किशोर यादव के जेल जाने के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में लेखाकार का काम अब सहायक लेखाकार सुरेश कुमार गुप्ता को नियुक्त किया गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी बीके तिवारी ने बताया कि फिलहाल लेखाकार का काम यही देखेंगे। लेखाधिकारी ने कहा कि एक कर्मचारी ने पूरे विभाग की छवि धूमिल की है, यह अफसोस जनक है।


रिश्वतखोरों की इन नंबरों पर दें सूचना
बांदा। एंटी करप्शन टीम प्रभारी इंस्पेक्टर शरद प्रताप सिंह ने बताया कि रिश्वत लेना-देना अपराध है। उन्होंने कहा कि रिश्वत मांगने वालों की सूचना कोई भी व्यक्ति एंटी करप्शन टीम के मुख्यालय या टीम को फोन पर दे सकता है। मेरा मोबाइल नं. 9454402489 है। या फिर लखनऊ मुख्यालय के मोबाइल नंबर 9454402484 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम पता गुप्त रखा जाएगा।

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