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कम से कम जीने लायक मानदेय तो दें
ब्यूरो अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 05 Mar 2016 09:50 PM IST
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रसोईयों का विरोध प्रदर्शन
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मानदेय में बढ़ोतरी के लिए राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोईया संघ ने शनिवार को बापू भवन के टाउन हाल से रैली निकाला। रसोईयों ने नगर भ्रमण के बाद कलेक्ट्रेट पर बेलन और छनौटा के साथ प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय महासचिव जुल्फेकार अली ने कहा कि रसोईयों को कम से कम जीने लायक तो मानदेय दिया जाए।
कलेक्ट्रेट पहुंची रसोइया संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए जुल्फेकार अली ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। यहां तक कि मनमाने तरीके से विद्यालयों में रखा जाता है और मनमाने तरीके से ही उन्हें हटा दिया जाता है। 27 रुपये दैनिक मजदूरी देना कहां का इंसाफ है।
मेहनत से काम करने वाली रसोइयों को चोर भी बनना पड़ता है। जिलाध्यक्ष चमेली सिंह ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को गरिमा पूर्वक जीने का अधिकार संविधान में मिला हुआ है लेकिन रसोइयों को उचित मजदूरी न देकर सरकार उनके हक पर डाका डाल रही है।
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मांग की कि रसोइयों को हर माह छह हजार रुपये का मानदेय उनके खाते में दिया जाना चाहिए। अन्यथा की दशा में वे सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। इस मौके पर चंपा देवी, सोनामती, राजवती देवी, पार्वती, सबिता, सोनिया देवी, मुन्नी देवी, रामरति, उमरावती, शाखावती आदि मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट पहुंची रसोइया संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए जुल्फेकार अली ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। यहां तक कि मनमाने तरीके से विद्यालयों में रखा जाता है और मनमाने तरीके से ही उन्हें हटा दिया जाता है। 27 रुपये दैनिक मजदूरी देना कहां का इंसाफ है।
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मेहनत से काम करने वाली रसोइयों को चोर भी बनना पड़ता है। जिलाध्यक्ष चमेली सिंह ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को गरिमा पूर्वक जीने का अधिकार संविधान में मिला हुआ है लेकिन रसोइयों को उचित मजदूरी न देकर सरकार उनके हक पर डाका डाल रही है।
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मांग की कि रसोइयों को हर माह छह हजार रुपये का मानदेय उनके खाते में दिया जाना चाहिए। अन्यथा की दशा में वे सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। इस मौके पर चंपा देवी, सोनामती, राजवती देवी, पार्वती, सबिता, सोनिया देवी, मुन्नी देवी, रामरति, उमरावती, शाखावती आदि मौजूद रहे।