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छात्र को गोली से उड़ाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
Updated Wed, 09 Mar 2016 09:42 PM IST
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मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के सेमरी ग्राम में छात्र की हत्या से शोकाकुल परिवारीजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बहराइच
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उर्रा (बहराइच)। किशोरी से छेड़छाड़ कर रहे युवकों का विरोध करना हाईस्कूल के छात्र करन को भारी पड़ गया। विरोध के 12 दिन बाद मंगलवार रात युवकों ने छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी।
मोतीपुर के जरही गांव का निवासी करन सेमरी गांव में कमरा किराये पर रहकर परीक्षा दे रहा था। देर रात उसके कमरे पर पहुंचे बाइक सवार दो युवकों ने अपने को करन का दोस्त बताकर उसे बाहर बुलाया और तमंचे से फायर झोंक दिया।
पुलिस ने छात्र के साथ रह रहे सहपाठियों और मकान मालिक के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हत्या आरोपियों की तलाश में पुलिस छापा मार रही है।
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जरही गांव निवासी करन कुमार रावत (16) पुत्र भूरे प्रसाद, नवयुग इंटर कॉलेज मिहींपुरवा में कक्षा 10 का छात्र था। उसका परीक्षा केंद्र मुर्तिहा के सेमरी गांव में सच्चिदानंद पाठक इंटर कॉलेज में था।
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गांव से केंद्र की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। दुर्गम इलाका होने के चलते करन और उसके छह साथियों ने मिलकर सेमरी गांव निवासी भरोसे के मकान में इम्तिहान तक के लिए कमरा किराये पर लिया था।
पांच मार्च को कला की परीक्षा देने के बाद तीन दिन की छुट्टी थी, जिसके चलते करन अपने घर जरही चला आया था। बुधवार को सामाजिक विषय की परीक्षा देने के लिए मंगलवार देर शाम को वह बस से देर रात सेमरी गांव पहुंचा।
रात 10:40 बजे के आसपास करन और उसके सहपाठी कमरे में पढ़ाई कर रहे थे, तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवक भरोसे के घर पर पहुंचे और आवाज दी। भरोसे का बेटा रोहित बाहर निकला तो उससे कहा कि हम करन के दोस्त हैं। जरूरी काम है, उसे बुला दो।
रोहित के आवाज देने पर करन जैसे ही बाहर निकला, बाइक सवार युवकों ने तमंचे से फायरिंग कर दी और भाग निकले। करन मौके पर गिरकर तड़पने लगा। फायरिंग की आवाज सुनकर लोग दौड़े लेकिन तब तक करन दम तोड़ चुका था।
रात में ही घटना की सूचना कोतवाली को दी गई लेकिन प्रभारी निरीक्षक विनोद अग्निहोत्री टीम के साथ चार घंटे बाद करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे को लेकर करन के साथियों और मकान मालिक के बयान दर्ज किए।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसके सहपाठियों से पूछताछ के दौरान पता चला है कि 26 फरवरी को हरखापुर बस स्टैंड पर कुछ युवक एक किशोरी को छेड़ रहे थे। इसका करन ने विरोध किया था।
इस पर युवकों से कहासुनी हुई थी। अज्ञात युवकों ने करन को देख लेने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि लोगों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों को शीघ्र ही दबोचा जाएगा।
साथी बोले, देखकर पहचान सकते हैं
करन के साथ किराये के कमरे में मिहींपुरवा निवासी शिवम, दयाराम, सोनेलाल, सूरज, दीपक और रामलाल रह रहते थे। छात्रों ने पुलिस को बताया कि 26 फरवरी को जिन युवकों से विवाद हुआ था, वह हरखापुर इलाके के ही हैं लेकिन नाम नहीं जानते। छात्रों ने कहा कि अगर युवक सामने आ जाएं तो देखकर पहचान सकते हैं।
विवाद के बारे में घर वालों को भी बताया था
करन ने 26 फरवरी को हुए विवाद के मामले में अपने फुफेरे भाई संजीव रावत व परिवार के अन्य सदस्यों को अवगत कराया था। बताया था कि युवकाें ने देख लेने की धमकी दी थी। इस पर परिवार के सदस्यों ने विवाद से दूर रहने की नसीहत दी थी।
परिवार में करन ही था पढ़ा लिखा, बनना चाहता था प्रशासनिक अफसर
करन का परिवार मेहनत मजदूरी कर भरण पोषण करता है। करन को छोड़कर उसके परिवार में कोई भी पढ़ा लिखा नहीं था। करन के पिता भूरे मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। मां दुर्गावती भी कभी स्कूल नहीं गई।
करन का बड़ा भाई राजू और छोटे भाई संजय का भी पढ़ाई में मन नहीं लगा लेकिन करन ने पढ़-लिखकर परिवार को समाज में सम्मान दिलाने का सपना संजोया था। इस बात को सोचकर उसके मां-बाप और बड़े भाई की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं।
हालत अर्द्धविक्षिप्तों जैसी हो गई है। करन के फुफेरे भाई संजीव रावत ने बताया कि करन पढ़ लिखकर प्रशासनिक अधिकारी बनने की बात करता था लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था।
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मोतीपुर के जरही गांव का निवासी करन सेमरी गांव में कमरा किराये पर रहकर परीक्षा दे रहा था। देर रात उसके कमरे पर पहुंचे बाइक सवार दो युवकों ने अपने को करन का दोस्त बताकर उसे बाहर बुलाया और तमंचे से फायर झोंक दिया।
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पुलिस ने छात्र के साथ रह रहे सहपाठियों और मकान मालिक के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हत्या आरोपियों की तलाश में पुलिस छापा मार रही है।
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जरही गांव निवासी करन कुमार रावत (16) पुत्र भूरे प्रसाद, नवयुग इंटर कॉलेज मिहींपुरवा में कक्षा 10 का छात्र था। उसका परीक्षा केंद्र मुर्तिहा के सेमरी गांव में सच्चिदानंद पाठक इंटर कॉलेज में था।
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गांव से केंद्र की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। दुर्गम इलाका होने के चलते करन और उसके छह साथियों ने मिलकर सेमरी गांव निवासी भरोसे के मकान में इम्तिहान तक के लिए कमरा किराये पर लिया था।
पांच मार्च को कला की परीक्षा देने के बाद तीन दिन की छुट्टी थी, जिसके चलते करन अपने घर जरही चला आया था। बुधवार को सामाजिक विषय की परीक्षा देने के लिए मंगलवार देर शाम को वह बस से देर रात सेमरी गांव पहुंचा।
रात 10:40 बजे के आसपास करन और उसके सहपाठी कमरे में पढ़ाई कर रहे थे, तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवक भरोसे के घर पर पहुंचे और आवाज दी। भरोसे का बेटा रोहित बाहर निकला तो उससे कहा कि हम करन के दोस्त हैं। जरूरी काम है, उसे बुला दो।
रोहित के आवाज देने पर करन जैसे ही बाहर निकला, बाइक सवार युवकों ने तमंचे से फायरिंग कर दी और भाग निकले। करन मौके पर गिरकर तड़पने लगा। फायरिंग की आवाज सुनकर लोग दौड़े लेकिन तब तक करन दम तोड़ चुका था।
रात में ही घटना की सूचना कोतवाली को दी गई लेकिन प्रभारी निरीक्षक विनोद अग्निहोत्री टीम के साथ चार घंटे बाद करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे को लेकर करन के साथियों और मकान मालिक के बयान दर्ज किए।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसके सहपाठियों से पूछताछ के दौरान पता चला है कि 26 फरवरी को हरखापुर बस स्टैंड पर कुछ युवक एक किशोरी को छेड़ रहे थे। इसका करन ने विरोध किया था।
इस पर युवकों से कहासुनी हुई थी। अज्ञात युवकों ने करन को देख लेने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि लोगों के बयान के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों को शीघ्र ही दबोचा जाएगा।
साथी बोले, देखकर पहचान सकते हैं
करन के साथ किराये के कमरे में मिहींपुरवा निवासी शिवम, दयाराम, सोनेलाल, सूरज, दीपक और रामलाल रह रहते थे। छात्रों ने पुलिस को बताया कि 26 फरवरी को जिन युवकों से विवाद हुआ था, वह हरखापुर इलाके के ही हैं लेकिन नाम नहीं जानते। छात्रों ने कहा कि अगर युवक सामने आ जाएं तो देखकर पहचान सकते हैं।
विवाद के बारे में घर वालों को भी बताया था
करन ने 26 फरवरी को हुए विवाद के मामले में अपने फुफेरे भाई संजीव रावत व परिवार के अन्य सदस्यों को अवगत कराया था। बताया था कि युवकाें ने देख लेने की धमकी दी थी। इस पर परिवार के सदस्यों ने विवाद से दूर रहने की नसीहत दी थी।
परिवार में करन ही था पढ़ा लिखा, बनना चाहता था प्रशासनिक अफसर
करन का परिवार मेहनत मजदूरी कर भरण पोषण करता है। करन को छोड़कर उसके परिवार में कोई भी पढ़ा लिखा नहीं था। करन के पिता भूरे मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। मां दुर्गावती भी कभी स्कूल नहीं गई।
करन का बड़ा भाई राजू और छोटे भाई संजय का भी पढ़ाई में मन नहीं लगा लेकिन करन ने पढ़-लिखकर परिवार को समाज में सम्मान दिलाने का सपना संजोया था। इस बात को सोचकर उसके मां-बाप और बड़े भाई की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं।
हालत अर्द्धविक्षिप्तों जैसी हो गई है। करन के फुफेरे भाई संजीव रावत ने बताया कि करन पढ़ लिखकर प्रशासनिक अधिकारी बनने की बात करता था लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था।