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वनकर्मियों और माफिया के बीच फायरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2016 10:36 PM IST
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crime
- फोटो : file
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वन माफियाओं ने जंगल में 20 पेड़ काट डाले। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी की। अपने को घिरता देख वन माफियाओं ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में टीम ने भी फायरिंग की।
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वन विभाग की टीम को हावी होता देख माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ जंगल के रास्ते नेपाल की ओर भाग निकले। मौके से ट्रॉली पर लदी दस लाख की लकड़ी बरामद हुई है। वन विभाग ने रेंज केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के कतर्निया रेंज अंतर्गत मझरा बीट बाघ संरक्षित क्षेत्र है। जंगल में वन माफिया ने लगभग 20 पेड़ काट डाले। इसकी सूचना प्रभागीय वनाधिकारी आशीष तिवारी को मिली। डीएफओ के निर्देश के बाद वन विभाग के वन दरोगा मनोज कुमार व मयंक कुमार की अगुवाई में सुनील गुप्ता, जगराम, अजय आदि की टीम ने मौके पर छापेमारी की।
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लगभग 12 से 15 की संख्या में मौजूद वन माफियाओं ने टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। वन विभाग की टीम और माफियाओं के बीच लगभग छह राउंड फायरिंग हुई। वन विभाग का शिकंजा कसता देख माफिया फायरिंग करते हुए नेपाल सीमा की ओर से भाग निकले।
टीम ने मौके से 10 लाख कीमत की 22 बोटा शीशम की लकड़ियां बरामद की है। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बरामद हुई। वन विभाग ने बरामद लकड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर दिया है। कतर्नियाघाट रेंज में रेंज केस संख्या 25 दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
डीएफओ आशीष तिवारी ने बताया कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग का काफी क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। इसके कारण नेपाल की ओर से वन माफिया जंगल में घुसते हैं। जंगल की लकड़ी को काटकर माफिया नेपाल की ओर भाग निकलते हैं।