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प्रेमिका के झूठ के लिए ले ली मासूम की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 09 Mar 2016 12:39 AM IST
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पकड़े गए असद के हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना जनकपुरी क्षेत्र के खान आलमपुरा में तीन माह के मासूम असद को अगवा करने के बाद उसकी हत्या का खुलासा हो गया। अपनी शादीशुदा प्रेमिका को बेटा दिलाने की ख्वाहिश पूरी करने के लिए युवक ने न केवल इस मासूम को अगवा किया बल्कि प्रेमिका के बच्चा लेने से मना करने पर बच्चे को मार डाला।
सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों के सहारे इस हत्याकांड का खुलासा हो सका है। प्रेमिका ने बेटे की चाहत में ये बात फैला दी थी कि उसको सात माह का गर्भ है। इसी झूठ को सच करने के लिए युवक ने इस वारदात को अंजाम दे डाला।
मंगलवार को एसएसपी आरपीएस यादव ने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी रायवाला के पिलखनतला निवासी हिमांशु, गौशाला निवासी संजय सैनी और उसकी पत्नी ममता सैनी को मीडिया के सामने पेश किया। उनसे वारदात में इस्तेमाल स्कूटर भी बरामद किया गया है।
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एसएसपी ने बताया कि दो मार्च की शाम खान आलमपुरा से घोसियो वाली गली निवासी मोहम्मद असलम के तीन महीने के बच्चे को स्कूटर पर सवार युवक जुनेद की गोद से छीनकर भाग गया था। अगले ही दिन गंगोह रोड पर मानकमऊ चौकी के पास बड़ी नहर में मासूम की लाश बरामद हुई थी।
एसएसपी के मुताबिक थाना मंडी क्षेत्र के मोहल्ला पिलखनतला निवासी हिमांशु पुत्र हुकम चंद ही सफेद एक्टिवा पर असद को छीनकर ले गया था। हिमांशु शादियों में स्टाल लगाने का काम करता है।
इसी काम में अक्सर साथ रहने वाले मंड क्षेत्र के ही गौशाला निवासी संजय उर्फ संजू सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी और ममता सैनी शामिल होते थे। हिमांशु के ममता सैनी से प्रेम संबंध थे। ममता की एक बेटी है लेकिन उसे एक बेटे की चाहत थी। इसका जिक्र हिमांशु के सामने किया तो उसने बच्चे के अपहरण का प्लान बनाया।
हिमांशु ने खुलासा किया कि ममता ने उसे बताया था कि उसे एक बेटा चाहिए लेकिन उसे आगे संतान न होने का भ्रम है। ममता और उसके पति संजय ने हिमांशु से कहा कि वह उनके लिए किसी नवजात शिशु का प्रबंध कर दे।
महिला ने अपने मायके और परिवार वालों को यह भी कह रखा था कि वह सात माह की गर्भवती है। इसलिए उसने हिमांशु से कहा था कि यदि नवजात मिल गया तो दो तीन महीने बाहर रहकर उसे अपना बच्चा बताकर दिखा देगी।
हत्यारे को पकड़ने के लिए की मशक्कत ः एसएसपी ने बताया कि शहर के घंटाघर, नेहरू मार्केट सहित अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे से ली गई फुटेज में सफेद एक्टिवा पर सवार युवक का चेहरा स्पष्ट होने के बाद पड़ताल के लिए लाइन मिल गई। उन्होंने बताया कि सीओ द्वितीय अमित नागर और उनकी टीमों ने सीसी कैमरे में नजर आई एक्टिवा को ढूंढने के लिए कम से कम 251 दोपहियों का सत्यापन कराया।
मुख्य आरोपी के हुलिया के आधार पर बड़ी मशक्कत के बाद उस तक पहुंचा गया। पकडे़ जाने के बाद हिमांशु ने पुलिस को खूब छकाया। पुलिस की सख्ती के बाद वह टूट गया। खुलासे के बाद असद के पिता असलम और उसके परिवार की महिलाएं भी एसएसपी से पास पहुंची।
असलम ने एसएसपी से आरोपियों को फांसी दिलवाने की मांग की। एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि यह घिनौना काम करने वालों को कड़ी सजा जरूर मिलेगी।
q जिला महिला अस्पताल से लेकर कई जगहों पर भटका
असद को अगवा करने से पहले हिमांशु ममता को हर हाल में बच्चा दिलाने के लिए जिला महिला अस्पताल भी गया। वहां किसी नवजात को चुराने के प्रयास किया मगर सफल नहीं हुआ।
इसके अलावा नेहरू मार्केट से लेकर अन्य जगहों पर की गई कोशिशें नाकाम रही। सीसी कैमरे में जिला अस्पताल में बच्चे के लिए तलाश करता हिमांशु कैद हो चुका था। इन जगहों से असफल होने पर ही हिमांशु ने जल्दबाजी में तीन माह के मासूम को ही अगवा कर लिया।
दंपति के इनकार के बाद की बच्चे की हत्या
एसएसपी ने बताया कि खान आलमपुरा से तीन माह के बच्चे को उठाने के बाद ममता सैनी और उसके पति संजय सैनी को उसे सौंपने की तैयारी की। लेकिन दंपति ने इस बच्चे को लेने से ही इनकार कर दिया क्योंकि यह तीन माह का बच्चा था और इसे कोई भी आसानी से पहचान लेता।
दंपति के इनकार के बाद बच्चे को लेकर अगली प्लानिंग करने से पहले ही बच्चे ने रोना शुरू कर दिया। उसके रोने से पकड़े जाने के डर से बच्चे का मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसे मानकमऊ चौकी के पास बड़ी नहर में फेंक दिया। उसके कपड़े भी निकाल लिए ताकि उसकी जल्द पहचान न हो।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों के सहारे इस हत्याकांड का खुलासा हो सका है। प्रेमिका ने बेटे की चाहत में ये बात फैला दी थी कि उसको सात माह का गर्भ है। इसी झूठ को सच करने के लिए युवक ने इस वारदात को अंजाम दे डाला।
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मंगलवार को एसएसपी आरपीएस यादव ने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी रायवाला के पिलखनतला निवासी हिमांशु, गौशाला निवासी संजय सैनी और उसकी पत्नी ममता सैनी को मीडिया के सामने पेश किया। उनसे वारदात में इस्तेमाल स्कूटर भी बरामद किया गया है।
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एसएसपी ने बताया कि दो मार्च की शाम खान आलमपुरा से घोसियो वाली गली निवासी मोहम्मद असलम के तीन महीने के बच्चे को स्कूटर पर सवार युवक जुनेद की गोद से छीनकर भाग गया था। अगले ही दिन गंगोह रोड पर मानकमऊ चौकी के पास बड़ी नहर में मासूम की लाश बरामद हुई थी।
एसएसपी के मुताबिक थाना मंडी क्षेत्र के मोहल्ला पिलखनतला निवासी हिमांशु पुत्र हुकम चंद ही सफेद एक्टिवा पर असद को छीनकर ले गया था। हिमांशु शादियों में स्टाल लगाने का काम करता है।
इसी काम में अक्सर साथ रहने वाले मंड क्षेत्र के ही गौशाला निवासी संजय उर्फ संजू सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी और ममता सैनी शामिल होते थे। हिमांशु के ममता सैनी से प्रेम संबंध थे। ममता की एक बेटी है लेकिन उसे एक बेटे की चाहत थी। इसका जिक्र हिमांशु के सामने किया तो उसने बच्चे के अपहरण का प्लान बनाया।
हिमांशु ने खुलासा किया कि ममता ने उसे बताया था कि उसे एक बेटा चाहिए लेकिन उसे आगे संतान न होने का भ्रम है। ममता और उसके पति संजय ने हिमांशु से कहा कि वह उनके लिए किसी नवजात शिशु का प्रबंध कर दे।
महिला ने अपने मायके और परिवार वालों को यह भी कह रखा था कि वह सात माह की गर्भवती है। इसलिए उसने हिमांशु से कहा था कि यदि नवजात मिल गया तो दो तीन महीने बाहर रहकर उसे अपना बच्चा बताकर दिखा देगी।
हत्यारे को पकड़ने के लिए की मशक्कत ः एसएसपी ने बताया कि शहर के घंटाघर, नेहरू मार्केट सहित अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे से ली गई फुटेज में सफेद एक्टिवा पर सवार युवक का चेहरा स्पष्ट होने के बाद पड़ताल के लिए लाइन मिल गई। उन्होंने बताया कि सीओ द्वितीय अमित नागर और उनकी टीमों ने सीसी कैमरे में नजर आई एक्टिवा को ढूंढने के लिए कम से कम 251 दोपहियों का सत्यापन कराया।
मुख्य आरोपी के हुलिया के आधार पर बड़ी मशक्कत के बाद उस तक पहुंचा गया। पकडे़ जाने के बाद हिमांशु ने पुलिस को खूब छकाया। पुलिस की सख्ती के बाद वह टूट गया। खुलासे के बाद असद के पिता असलम और उसके परिवार की महिलाएं भी एसएसपी से पास पहुंची।
असलम ने एसएसपी से आरोपियों को फांसी दिलवाने की मांग की। एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि यह घिनौना काम करने वालों को कड़ी सजा जरूर मिलेगी।
q जिला महिला अस्पताल से लेकर कई जगहों पर भटका
असद को अगवा करने से पहले हिमांशु ममता को हर हाल में बच्चा दिलाने के लिए जिला महिला अस्पताल भी गया। वहां किसी नवजात को चुराने के प्रयास किया मगर सफल नहीं हुआ।
इसके अलावा नेहरू मार्केट से लेकर अन्य जगहों पर की गई कोशिशें नाकाम रही। सीसी कैमरे में जिला अस्पताल में बच्चे के लिए तलाश करता हिमांशु कैद हो चुका था। इन जगहों से असफल होने पर ही हिमांशु ने जल्दबाजी में तीन माह के मासूम को ही अगवा कर लिया।
दंपति के इनकार के बाद की बच्चे की हत्या
एसएसपी ने बताया कि खान आलमपुरा से तीन माह के बच्चे को उठाने के बाद ममता सैनी और उसके पति संजय सैनी को उसे सौंपने की तैयारी की। लेकिन दंपति ने इस बच्चे को लेने से ही इनकार कर दिया क्योंकि यह तीन माह का बच्चा था और इसे कोई भी आसानी से पहचान लेता।
दंपति के इनकार के बाद बच्चे को लेकर अगली प्लानिंग करने से पहले ही बच्चे ने रोना शुरू कर दिया। उसके रोने से पकड़े जाने के डर से बच्चे का मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसे मानकमऊ चौकी के पास बड़ी नहर में फेंक दिया। उसके कपड़े भी निकाल लिए ताकि उसकी जल्द पहचान न हो।