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Ayodhya News: जानलेवा हमले में दोषी दो सगे भाइयों को साढ़े नौ साल की सजा
Thu, 22 Oct 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:21 PM IST
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अयोध्या। घर के सामने कूड़ा फेंकने से मना करने पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी दो सगे भाइयों अखिलेश उर्फ जेठू और राजिंदर को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम हरेंद्र नाथ ने बृहस्पतिवार को कुल नौ साल छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 16 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। सभी सजाएं साथ चलने के आदेश के कारण उन्हें अधिकतम पांच साल जेल में रहना पड़ेगा।
अभियोजन के अनुसार, खंडासा थाना क्षेत्र के कोटिया गांव में सात जून 2013 की सुबह सियाराम के पुत्र अखिलेश और राजिंदर तथा रामपाल के पुत्र लल्लन और गंगाराम, कलक राम यादव के घर के सामने कूड़ा डाल रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और फरसे से हमला कर दिया। इसमें कलक राम और उनके पुत्र राम बहादुर व शिव बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गए। कलक राम के हाथ की हड्डी टूट गई थी।
मामले में खंडासा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान जानलेवा हमला और हड्डी तोड़ने से संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। अखिलेश और राजिंदर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
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सुनवाई के दौरान आरोपी गंगाराम की नौ जुलाई 2018 और लल्लन की छह फरवरी 2020 को मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को जानलेवा हमले में पांच साल, हड्डी तोड़ने में दो साल, धारदार हथियार से हमला करने और गाली-गलौज में एक-एक साल तथा मारपीट में छह माह की कैद सुनाई। विभिन्न अपराधों में दोनों पर कुल 16 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
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अभियोजन के अनुसार, खंडासा थाना क्षेत्र के कोटिया गांव में सात जून 2013 की सुबह सियाराम के पुत्र अखिलेश और राजिंदर तथा रामपाल के पुत्र लल्लन और गंगाराम, कलक राम यादव के घर के सामने कूड़ा डाल रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और फरसे से हमला कर दिया। इसमें कलक राम और उनके पुत्र राम बहादुर व शिव बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गए। कलक राम के हाथ की हड्डी टूट गई थी।
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मामले में खंडासा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान जानलेवा हमला और हड्डी तोड़ने से संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। अखिलेश और राजिंदर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
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सुनवाई के दौरान आरोपी गंगाराम की नौ जुलाई 2018 और लल्लन की छह फरवरी 2020 को मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को जानलेवा हमले में पांच साल, हड्डी तोड़ने में दो साल, धारदार हथियार से हमला करने और गाली-गलौज में एक-एक साल तथा मारपीट में छह माह की कैद सुनाई। विभिन्न अपराधों में दोनों पर कुल 16 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।