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Ayodhya News: बाढ़ से बढ़ी मुसीबतें, 150 से अधिक परिवार बेघर

Thu, 21 Aug 2025 09:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Thu, 21 Aug 2025 09:53 PM IST
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Troubles increased due to flood, more than 150 families became homeless
अयोध्या/पूरा बाजार। सरयू नदी में उफान के चलते तराई क्षेत्र के लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। नदी का पानी लाल निशान से 11 सेमी ऊपर बह रहा है। 36 घंटे स्थिर रहने के बाद अब जलस्तर में गिरावट शुरू हुई है। सरयू के जलस्तर में चार सेमी की गिरावट हुई है। हालात यह हैं कि अब तक 150 से अधिक परिवार बेघर होकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं।
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केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92़ 84 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान से 11 सेमी ऊपर है। वहीं तराई इलाकों में खेत-खलिहान पानी में डूब गए हैं और नदी किनारे रहने वाले लोगों के घरों को कटान का खतरा और बढ़ गया है। वहीं शहर के अयोध्या धाम इलाके में श्मशान घाट तक पानी भर गया है। बड़ी मात्रा में लकड़ियां पानी में बह गई हैं। अंतिम संस्कार में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि भोजन और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। सदर तहसील के पूरा बाजार ब्लॉक के कई गांवों में सरयू ने तबाही मचा दी है। मुडाडिहा, उरदाहवा, पिपरी संग्राम और पूरे चेतन गांव के 150 से अधिक परिवार अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। प्रशासनिक दावों के बावजूद अब तक बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री नहीं पहुंची है, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो गई है।
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वहीं मूड़ाडीहा के राजेंद्र का कहना है घर पूरी तरह डूब गया है, किसी तरह बांध पर शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी घरों में घुसने से उनकी झोपड़ियां ढह गईं। कई परिवार पॉलीथिन के सहारे खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजार रहे हैं। बारिश और धूप के बीच बच्चों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उरदाहवा निवासी सीता और प्रेमा, निवासी ने बताया लकड़ियां गीली हो चुकी हैं, भोजन बनाने में समस्या हो रही है। अब तक प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
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रामपुर पुवारी मांझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मदरिया गांव में बने काली जी के मंदिर व प्राथमिक विद्यालय तक पानी पहुंच चुका है। इससे मंदिर व विद्यालय का अस्तित्व खतरे में है। लोगों में भय का माहौल है और सभी प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों ने जल्द राहत और पुनर्वास की मांग की है।


सोहावल में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गोंडा जिले की सीमा पर बसे गांव ब्यौदा, साखीपुर, बहादुरपुर और दत्तनगर के लोगों पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। इन गांव के निवासी रोजगार शिक्षा और अन्य जरूरत के लिए सोहावल बाजार पर निर्भर हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों ने ढेमवा पुल के उत्तरी छोर पर करीब 50 फीट लंबी सीढ़ी लगाकर सोहावल आने-जाने का रास्ता बनाया है। बीते वर्ष भी बाढ़ प्रभावित इन गांवों के लोगों को अस्थायी रूप से शरण दी गई थी। कछार निवासी सत्यनारायण सिंह ने बताया कि जल स्तर बढ़ने से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। संवाद
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