फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The sweet childhood pranks of Rama are the first chapter in the rituals of life

Ayodhya News: राम की मधुर बाललीला जीवन के संस्कारों का प्रथम अध्याय

Sun, 22 Feb 2026 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 22 Feb 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
The sweet childhood pranks of Rama are the first chapter in the rituals of life
33- वाल्मीकि रामायण कथा का प्रवचन करते रत्नेश प्रपन्नाचार्य- संवाद
अयोध्या। रामनगरी में नवनिर्मित देवस्थान श्रीरामायण बेला में प्राणप्रतिष्ठा के अवसर पर विभिन्न अनुष्ठानों की धूम है। वाल्मीकि रामायण की कथा में जगद्गुरु रत्नेशप्रपन्नाचार्य जी ने कहा कि राम की मधुर बाललीला केवल भाव-विभोर करने वाली कथा नहीं, बल्कि जीवन के संस्कारों का प्रथम अध्याय है। उसमें सिखाया गया है कि महानता का मूल विनय है, सामर्थ्य का सार संयम है।अयोध्या धाम की पावन भूमि पर जब परम करुणामय भगवान ने मानव रूप धारण किया, तब वह केवल एक जन्म नहीं था वह धर्म, मर्यादा और प्रेम का पुनः अवतरण था। वाल्मीकि रामायण में वर्णित वह दिव्य प्रसंग आज भी हृदय को आलोकित कर देता है। बाल्यकाल में भी राम की सरलता अद्वितीय थी। माता की गोद में किलकते हुए भी उनकी दृष्टि में अद्भुत गंभीरता झलकती थी। भ्राताओं के साथ क्रीड़ा करते समय वे स्नेह और समता का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करते, मानो प्रेम स्वयं खेल रहा हो। गुरु वशिष्ठ के आश्रम में राम की विनयपूर्ण उपस्थिति यह संदेश देती है कि ईश्वर भी जब मानव बनते हैं, तो अनुशासन और ज्ञान के पथ पर चलकर समाज को आदर्श प्रदान करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed