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Ayodhya News: फिलीपींस की टीम बिखेरेगी दीपोत्सव में सांस्कृतिक छटा
Fri, 16 Oct 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:30 PM IST
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दीपोत्सव में ऐसा होता है नजारा।
अयोध्या। रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में इस बार देसी रंगों के साथ विदेशी संस्कृति की छटा भी दिखेगी। फिलीपींस की रामलीला की टीम अपनी प्रस्तुति से दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक रंग देगी। देश के पांच राज्यों की रामलीला टीमें अपनी क्षेत्रीय भाषाओं और विशिष्ट शैलियों में रामकथा का मंचन करेंगी। संस्कृति विभाग की ओर से छह और सात नवंबर को करीब 10 से 15 मंचों पर रामलीला आयोजन की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होने वाले दीपोत्सव में रामलीला के जरिये रामायण की वैश्विक लोकप्रियता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। फिलीपींस की टीम की सहभागिता तय हो चुकी है। अन्य देशों की टीमों को भी आयोजन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से विदेशी रामलीला टीमों को आमंत्रित किया गया है।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जाएगा। फिलीपींस की टीम इसमें हिस्सा लेगी। अन्य देशों की टीमों की सहभागिता के लिए भी प्रयास जारी हैं।
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तीन क्षेत्रीय भाषाओं में पहली बार मंचन
इस बार रामलीला मंचन में देश की भाषाई विविधता भी आकर्षण का केंद्र होगी। केरल, असम और जम्मू-कश्मीर की टीमें क्रमशः मलयालम, असमिया और डोगरी भाषा में रामलीला का मंचन करेंगी। इसके अलावा उत्तराखंड और बंगाल की रामलीलाएं भी शामिल होंगी। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रीय शैलियों में रामकथा के प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया जाएगा। दीपोत्सव के मंचों पर देशी-विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को रामायण की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। आयोजन के जरिए यह संदेश भी सामने आएगा कि भगवान श्रीराम के आदर्श और रामायण की कथा भौगोलिक सीमाओं तथा भाषाई विविधता से परे विभिन्न समाजों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ती है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होने वाले दीपोत्सव में रामलीला के जरिये रामायण की वैश्विक लोकप्रियता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। फिलीपींस की टीम की सहभागिता तय हो चुकी है। अन्य देशों की टीमों को भी आयोजन से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से विदेशी रामलीला टीमों को आमंत्रित किया गया है।
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अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जाएगा। फिलीपींस की टीम इसमें हिस्सा लेगी। अन्य देशों की टीमों की सहभागिता के लिए भी प्रयास जारी हैं।
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तीन क्षेत्रीय भाषाओं में पहली बार मंचन
इस बार रामलीला मंचन में देश की भाषाई विविधता भी आकर्षण का केंद्र होगी। केरल, असम और जम्मू-कश्मीर की टीमें क्रमशः मलयालम, असमिया और डोगरी भाषा में रामलीला का मंचन करेंगी। इसके अलावा उत्तराखंड और बंगाल की रामलीलाएं भी शामिल होंगी। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रीय शैलियों में रामकथा के प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया जाएगा। दीपोत्सव के मंचों पर देशी-विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को रामायण की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। आयोजन के जरिए यह संदेश भी सामने आएगा कि भगवान श्रीराम के आदर्श और रामायण की कथा भौगोलिक सीमाओं तथा भाषाई विविधता से परे विभिन्न समाजों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ती है।