{"_id":"68a5ff07cbea6a815603b28d","slug":"technical-error-came-to-light-in-installing-murals-on-lower-plinth-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-133821-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: लोअर प्लिंथ में म्यूरल्स लगाने में सामने आई तकनीकी चूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: लोअर प्लिंथ में म्यूरल्स लगाने में सामने आई तकनीकी चूक
Wed, 20 Aug 2025 10:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 20 Aug 2025 10:29 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक तीसरे दिन बुधवार को रामकथा संग्रहालय में शुरू हुई। बैठक से पहले समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मीडिया से बातचीत करते हुए एजेंडे की जानकारी दी। साथ ही मंगलवार को बैठक में हुई चर्चा पर भी विस्तार से बात हुई। बैठक में मुख्य रूप से परकोटा और लोअर प्लिंथ पर समीक्षा की गई। रामकथा पर आधारित स्टोन म्यूरल्स को लोअर प्लिंथ में लगाने पर भी गहन चर्चा हुई। लोअर प्लिंथ में म्यूरल्स लगाने में तकनीकी चूक सामने आई है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के लोअर प्लिंथ पर रामकथा के स्टोन म्यूरल लगाए जा रहे हैं। कथाकृति सब बनकर आ गई है। कुल 90 कलाकृति लगाई जानी है। इसके जरिये सनातन संस्कृति व रामकथा के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। उन्होंने बताया कि म्यूरल्स लगाने में थोड़ी तकनीकी चूक हो गई है। रेलिंग के लिए आवश्यक स्थान का ध्यान नहीं रखा गया। जिसके चलते निर्माण कार्य में देरी हो रही है। अब यह कार्य सितंबर के अंत या अक्तूबर के पहले सप्ताह तक पूरा होगा। परकोटा की दीवारों पर भी रामकथा के प्रसंग उकेरने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बताया कि भूमि पूजन में प्रधानमंत्री की ओर से रखी गई शिला यात्री सुविधा केंद्र में स्थापित की जाएगी। इसमें केवल भूमि पूजन का उल्लेख होगा। नृपेंद्र ने साफ कहा है कि यदि नवंबर में ट्रस्ट कोई आयोजन करता है तो नवंबर तक निर्माण समिति की ओर से हर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
एक सितंबर से राम मंदिर में तीन लिफ्ट लगाने का काम शुरू होगा। एक दो दिन में लिफ्ट अयोध्या आ जाएगी। कंपनी एलएंडटी से निरीक्षण करा लेगी। उत्तर दिशा में दो लिफ्ट व पश्चिम दिशा में एक लिफ्ट लगाई जा रही है। इससे दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि परकोटा में अभी 45,000 क्यूबिक फीट पत्थर लगाया जाना बाकी है, जो आगामी छह सप्ताह में लगा लिया जाएगा।
विज्ञापन
राम मंदिर आंदोलन में शहीद हुए लोगों के स्मारक के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। स्मारक 11 मीटर ऊंचा होगा। नृपेंद्र ने बताया कि स्मारक वहीं बनाया जाएगा, जहां से आंदोलन के पुरोधा अशोक सिंहल ने देश और दुनिया के रामभक्तों से राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन का आह्वान किया था। स्मारक पर किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिखा जाएगा। समिति का कहना है कि ये मंदिर राष्ट्र का मंदिर है, किसी एक व्यक्ति का नहीं। यह स्थान अस्थायी मंदिर के बहुत ही निकट है। अस्थायी मंदिर को भी संरक्षित किया जा रहा है। यह मंदिर पुराने स्वरूप की तरह लकड़ी से ही बनाया जाएगा। इसे शीशे के कवच से ढका जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट में जल्द ही एक नए सदस्य को शामिल किया जा सकता है। राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का विगत दिनों निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से एक पद रिक्त चल रहा है। इस बाबत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि आगामी नौ सितंबर को तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। ट्रस्ट की बैठक हर तीन माह पर होती है। इस बार यह बैठक मणिराम दास की छावनी में नौ सितंबर को होगी। बैठक में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास समेत सभी 14 ट्रस्टी शामिल होंगे।
विज्ञापन
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के लोअर प्लिंथ पर रामकथा के स्टोन म्यूरल लगाए जा रहे हैं। कथाकृति सब बनकर आ गई है। कुल 90 कलाकृति लगाई जानी है। इसके जरिये सनातन संस्कृति व रामकथा के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। उन्होंने बताया कि म्यूरल्स लगाने में थोड़ी तकनीकी चूक हो गई है। रेलिंग के लिए आवश्यक स्थान का ध्यान नहीं रखा गया। जिसके चलते निर्माण कार्य में देरी हो रही है। अब यह कार्य सितंबर के अंत या अक्तूबर के पहले सप्ताह तक पूरा होगा। परकोटा की दीवारों पर भी रामकथा के प्रसंग उकेरने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बताया कि भूमि पूजन में प्रधानमंत्री की ओर से रखी गई शिला यात्री सुविधा केंद्र में स्थापित की जाएगी। इसमें केवल भूमि पूजन का उल्लेख होगा। नृपेंद्र ने साफ कहा है कि यदि नवंबर में ट्रस्ट कोई आयोजन करता है तो नवंबर तक निर्माण समिति की ओर से हर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
एक सितंबर से राम मंदिर में तीन लिफ्ट लगाने का काम शुरू होगा। एक दो दिन में लिफ्ट अयोध्या आ जाएगी। कंपनी एलएंडटी से निरीक्षण करा लेगी। उत्तर दिशा में दो लिफ्ट व पश्चिम दिशा में एक लिफ्ट लगाई जा रही है। इससे दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि परकोटा में अभी 45,000 क्यूबिक फीट पत्थर लगाया जाना बाकी है, जो आगामी छह सप्ताह में लगा लिया जाएगा।
विज्ञापन
राम मंदिर आंदोलन में शहीद हुए लोगों के स्मारक के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। स्मारक 11 मीटर ऊंचा होगा। नृपेंद्र ने बताया कि स्मारक वहीं बनाया जाएगा, जहां से आंदोलन के पुरोधा अशोक सिंहल ने देश और दुनिया के रामभक्तों से राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन का आह्वान किया था। स्मारक पर किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिखा जाएगा। समिति का कहना है कि ये मंदिर राष्ट्र का मंदिर है, किसी एक व्यक्ति का नहीं। यह स्थान अस्थायी मंदिर के बहुत ही निकट है। अस्थायी मंदिर को भी संरक्षित किया जा रहा है। यह मंदिर पुराने स्वरूप की तरह लकड़ी से ही बनाया जाएगा। इसे शीशे के कवच से ढका जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट में जल्द ही एक नए सदस्य को शामिल किया जा सकता है। राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का विगत दिनों निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से एक पद रिक्त चल रहा है। इस बाबत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि आगामी नौ सितंबर को तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी। ट्रस्ट की बैठक हर तीन माह पर होती है। इस बार यह बैठक मणिराम दास की छावनी में नौ सितंबर को होगी। बैठक में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास समेत सभी 14 ट्रस्टी शामिल होंगे।