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Ayodhya News: भुगतान से पहले शुरू हुई निर्माण कंपनियों के बिलों की जांच

Fri, 16 Oct 2026 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 16 Oct 2026 01:07 AM IST
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Scrutiny of construction companies' bills begins prior to payment
बैठक में शामिल नृपेंद्र​ मिश्र, सीईओ व अन्य।
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण में जुटी कंपनियों के अंतिम भुगतान से पहले उनके बकाया बिलों की जांच शुरू हो गई है। एलएंडटी, टाटा समेत अन्य निर्माण कंपनियों के करीब 70 फीसदी बिल थर्ड पार्टी ऑडिट के दायरे में रखे गए हैं। ऑडिट पूरा होने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसी बीच बृहस्पतिवार से राम मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक शुरू हुई। इसमें पहली बार राम मंदिर के सीईओ जितेंद्र मिश्र शामिल हुए।
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निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र बृहस्पतिवार दोपहर बाद अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति जानी। इस दौरान हुतात्मा स्मारक स्तंभ, अस्थायी मंदिर स्मारक, बाउंड्रीवॉल, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के इंजीनियरों से कार्यों की स्थिति की जानकारी भी ली।
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हुतात्मा स्मारक स्तंभ का निर्माण पूरा हो चुका है और उस पर लोगो भी लगा दिया गया है। वहीं, अस्थायी मंदिर स्मारक का काम अंतिम चरण में है। ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। हालांकि, बाउंड्रीवॉल का काम अपेक्षित गति से नहीं होने पर नृपेंद्र मिश्र ने नाराजगी जताई और निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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बैठक में ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले समेत कार्यदायी संस्थाओं के इंजीनियर मौजूद रहे। शुक्रवार को ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता में राम मंदिर की धार्मिक समिति की बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है।

अंतिम भुगतान से पहले परखी जाएगी बिलों की वैधता
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं के अंतिम भुगतान से पहले ट्रस्ट ने बिलों की जांच तेज कर दी है। कंपनियों की ओर से प्रस्तुत अंतिम बिलों का परीक्षण कराया जा रहा है। करीब 70 फीसदी बिल थर्ड पार्टी ऑडिट के दायरे में हैं। ऑडिट की जिम्मेदारी इंडिया इंजीनियर्स लिमिटेड को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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