राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे की कस्टडी मांग, कल कोर्ट करेगा फैसला; जानें नए अपडेट
राम मंदिर चढ़ावा धनराशि चोरी मामले में पुलिस ने आरोपी की 48 घंटे की अभिरक्षा मांगते हुए अदालत में रिमांड अर्जी दाखिल की है। अदालत में इस पर सुनवाई होगी। रिमांड मिलने पर जांच एजेंसी धनराशि, उसके उपयोग, संभावित बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन पूछताछ करेगी।
विस्तार
राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में दायर रिमांड अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी, जहां कोर्ट इस पर फैसला करेगा।
मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस ने रिमांड अर्जी में कहा है कि मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों और अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए आरोपी से 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ आवश्यक है।
रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए सुनवाई कल
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए आरोपी अविनाश शुक्ला ने अदालत को बताया कि उसकी ओर से कोई अधिवक्ता नहीं है। उसने अपना पक्ष रखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर अदालत ने प्राधिकरण के सचिव को अधिवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया और रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय कर दी।
अब नजर अदालत के फैसले पर है। यदि पुलिस रिमांड मंजूर होती है तो जांच एजेंसी आरोपी से आमने-सामने पूछताछ कर चोरी की धनराशि, उसके इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। इसके बाद कुछ अन्य बरामदगी भी हो सकती है। वहीं, चोरी में शामिल अन्य नए चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है।
अविनाश के भाई का वीडियो आया सामने
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ल के भाई अमित शुक्ल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अमित शुक्ल हाथों में नोटों की गड्डियां लिए रील बनाते नजर आ रहा है। रील के बैकग्राउंड में भोजपुरी गीत "पैसा का पूजा होत, पैसा बा भगवान हो" भी इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह रील अगस्त 2025 में बनाई और सोशल मीडिया पर अपलोड की गई थी, लेकिन अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद इसे बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अमित शुक्ल भी कुछ समय तक अयोध्या में रहता था।