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Ayodhya News: केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तर्ज पर अपग्रेड होगा महामना पुस्तकालय
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अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के महामना मदन मोहन मालवीय केंद्रीय पुस्तकालय को केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तर्ज पर अपग्रेड किया जाएगा। विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के छात्र-छात्राओं को यह पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने में भी मददगार बनेगा।
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महामना पुस्तकालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के स्वायत्त अंतर विश्वविद्यालय केंद्र सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (इनफ्लिबनेट) से पहले ही जोड़ा जा चुका है। इनफ्लिबनेट देश में विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और सूचना के उपयोग के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए देशव्यापी उच्च गति डेटा नेटवर्क से जोड़ता है। यह शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के बीच विद्वानों के संचार को बढ़ावा देने का भी प्रमुख माध्यम भी है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ओएनओएस) से भी जुड़ गया है। इसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को प्रमुख विद्वान प्रकाशनों के बड़े डिजिटल संग्रह तक पहुंच प्रदान करना है। इसका कार्यान्वयन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत इनफ्लिबनेट केंद्र की ओर से किया जाता है। इस पहल का लक्ष्य पूरे देश में ज्ञान तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से देश के सभी साइंस जर्नल विश्वविद्यालय को उपलब्ध हो जाएंगे।
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इसी कड़ी में शोध चक्र के माध्यम से आवासीय परिसर के सभी शैक्षणिक विभागों को जोड़ा जाएगा। सभी विभागों से संबंधित पुस्तकों को इसके माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा। आने वाले समय में विश्वविद्यालय से संबंद्ध कॉलेजों को भी इससे जोड़ा जाएगा। पुस्तकालय में उपलब्ध सभी पुस्तकों में आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा। इसके लगने के बाद कोई विद्यार्थी यदि पुस्तक को बाहर ले जाने की कोशिश करेगा तो बीप की आवाज आएगी।
छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्ष बनवाने के साथ गठित होगी कंपटीशन सेल
विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने अमर उजाला को बताया कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकों की खेप पहुंच गई है। अब पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्ष बनवाया जाएगा। इसी कड़ी में कंपटीशन सेल गठित होगी। कुलपति की पहल पर पुस्तकों के रखरखाव की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए रैक और ट्राॅलियां मंगवाई जा रही हैं। ट्राॅली की मदद से पुस्तकाें को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में आसानी होगी। पुस्तकालय भवन का जीर्णोद्धार भी करवाया जाएगा।
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कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महामना पुस्तकालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के स्वायत्त अंतर विश्वविद्यालय केंद्र सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (इनफ्लिबनेट) से पहले ही जोड़ा जा चुका है। इनफ्लिबनेट देश में विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और सूचना के उपयोग के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए देशव्यापी उच्च गति डेटा नेटवर्क से जोड़ता है। यह शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के बीच विद्वानों के संचार को बढ़ावा देने का भी प्रमुख माध्यम भी है।
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इसके साथ ही विश्वविद्यालय वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ओएनओएस) से भी जुड़ गया है। इसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को प्रमुख विद्वान प्रकाशनों के बड़े डिजिटल संग्रह तक पहुंच प्रदान करना है। इसका कार्यान्वयन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत इनफ्लिबनेट केंद्र की ओर से किया जाता है। इस पहल का लक्ष्य पूरे देश में ज्ञान तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से देश के सभी साइंस जर्नल विश्वविद्यालय को उपलब्ध हो जाएंगे।
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इसी कड़ी में शोध चक्र के माध्यम से आवासीय परिसर के सभी शैक्षणिक विभागों को जोड़ा जाएगा। सभी विभागों से संबंधित पुस्तकों को इसके माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा। आने वाले समय में विश्वविद्यालय से संबंद्ध कॉलेजों को भी इससे जोड़ा जाएगा। पुस्तकालय में उपलब्ध सभी पुस्तकों में आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा। इसके लगने के बाद कोई विद्यार्थी यदि पुस्तक को बाहर ले जाने की कोशिश करेगा तो बीप की आवाज आएगी।
छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्ष बनवाने के साथ गठित होगी कंपटीशन सेल
विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने अमर उजाला को बताया कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकों की खेप पहुंच गई है। अब पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्ष बनवाया जाएगा। इसी कड़ी में कंपटीशन सेल गठित होगी। कुलपति की पहल पर पुस्तकों के रखरखाव की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए रैक और ट्राॅलियां मंगवाई जा रही हैं। ट्राॅली की मदद से पुस्तकाें को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में आसानी होगी। पुस्तकालय भवन का जीर्णोद्धार भी करवाया जाएगा।