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Ayodhya News: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के यजमान थे कृष्ण मोहन
Tue, 09 Sep 2025 10:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 09 Sep 2025 10:22 PM IST
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19- राम मंदिर ट्रस्ट के नए सदस्य कृष्ण मोहन - ट्रस्ट
अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के यजमान रहे कृष्ण मोहन को अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जगह मिल गई है। लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय रहते हुए संगठन में कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके कृष्ण मोहन की ट्रस्ट में एंट्री को एक बड़ी रणनीतिक नियुक्ति माना जा रहा है।
उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उनका जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ था। उनके पिता रेलवे में अफसर थे। वह इस समय हरदोई जिले के शाहाबाद के सिकंदरपुर बाजार में निवास कर रहे हैं। उन्होंने 1978 में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की। पांच साल तक एटॉमिक एनर्जी के क्षेत्र में भी वैज्ञानिक के पद पर काम करते रहे। 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानृवित्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से उनका कोई सीधा सरोकार तो नहीं रहा लेकिन महाराष्ट्र के नागपुर में तैनाती के दौरान वह संघ की विचारधारा के करीब आए। धीरे-धीरे संघ की विचारधारा उन्हें प्रभावित करती रही और सेवानिवृत होने के बाद संघ से जुड़ गए।
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वह 2012 से संघ के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर राष्ट्र हित के काम कर रहे हैं। वह हरदोई नगर के संघ चालक, अवध प्रांत के प्रांत संघ चालक रह चुके हैं। अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघ चालक का दायित्व संभाल रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह रामलला की ही कृपा है।वह स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहते हैं कि भव्य मंदिर में जब 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तो वह यजमान के रूप में अनुष्ठान के सहभागी बने थे। इसी तरह राम दरबार व परिसर के अन्य सात मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा में भी वह यजमान के रूप में शामिल रहे। श्रीरामलला ने उन्हें अपनी सेवा का मौका दिया है। वह जल्द ही अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।
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उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उनका जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ था। उनके पिता रेलवे में अफसर थे। वह इस समय हरदोई जिले के शाहाबाद के सिकंदरपुर बाजार में निवास कर रहे हैं। उन्होंने 1978 में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की। पांच साल तक एटॉमिक एनर्जी के क्षेत्र में भी वैज्ञानिक के पद पर काम करते रहे। 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानृवित्त हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से उनका कोई सीधा सरोकार तो नहीं रहा लेकिन महाराष्ट्र के नागपुर में तैनाती के दौरान वह संघ की विचारधारा के करीब आए। धीरे-धीरे संघ की विचारधारा उन्हें प्रभावित करती रही और सेवानिवृत होने के बाद संघ से जुड़ गए।
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वह 2012 से संघ के साथ सक्रिय रूप से जुड़कर राष्ट्र हित के काम कर रहे हैं। वह हरदोई नगर के संघ चालक, अवध प्रांत के प्रांत संघ चालक रह चुके हैं। अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघ चालक का दायित्व संभाल रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह रामलला की ही कृपा है।वह स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहते हैं कि भव्य मंदिर में जब 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तो वह यजमान के रूप में अनुष्ठान के सहभागी बने थे। इसी तरह राम दरबार व परिसर के अन्य सात मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा में भी वह यजमान के रूप में शामिल रहे। श्रीरामलला ने उन्हें अपनी सेवा का मौका दिया है। वह जल्द ही अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।