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Ayodhya News: अवैध होर्डिंग से शहर हो रहा बदरंग
Wed, 14 Oct 2026 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:33 AM IST
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शहर में लगे अवैध होर्डिंग।
अयोध्या। शहर में लगे अवैध होर्डिंग पर नगर निगम अंकुश नहीं लगा पा रहा है। सड़कों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक अनधिकृत होर्डिंग का जाल फैला हुआ है। नगर निगम पिछले छह महीने में 150 से अधिक मामलों में नोटिस जारी करने और होर्डिंग हटाने की कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन शहर में सैकड़ों अवैध विज्ञापन अब भी लगे हुए हैं। इससे शहर की सूरत बदरंग होती जा रही है।
विज्ञापनों से नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आय हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष में तीन करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। वहीं, अवैध होर्डिंग से सालाना करीब पांच करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
नियमों के अनुसार, दो होर्डिंग के बीच 10 मीटर से अधिक दूरी होनी चाहिए। मार्ग और फुटपाथ पर ऐसे स्थानों पर विज्ञापन नहीं लगाया जा सकता, जहां लोगों की आवाजाही प्रभावित हो। इसके बावजूद शहर में कई जगह होर्डिंग एक-दूसरे के काफी करीब लगे हैं। कुछ स्थानों पर ये पैदल चलने वालों के लिए भी बाधा बन रहे हैं।
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अनुमति के लिए एनओसी और दस्तावेज जरूरी
किसी भवन पर विज्ञापन लगाने के लिए भवन स्वामी का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और जरूरी दस्तावेजों के साथ नगर निगम में आवेदन करना होता है। दस्तावेजों और प्रस्तावित स्थल की जांच के बाद अनुमति दी जाती है। दुकानदारों को भी दुकान पर छोटे आकार का विज्ञापन लगाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी होती है। विज्ञापन केवल स्वीकृत स्थान पर और तय शर्तों के अनुसार ही लगाए जा सकते हैं।
ये हैं प्रमुख नियम
पेड़-पौधों पर होर्डिंग बांधकर नहीं लगाए जा सकते।
विज्ञापन एजेंसियों को पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए निर्धारित शुल्क देना होता है।
विज्ञापन संबंधी मामलों के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। इसमें नामित अपर नगर आयुक्त, नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष, महापौर की ओर से नामित चार पार्षद, मुख्य अभियंता, ट्रैफिक सेल के अभियंता, संबंधित जोनल अधिकारी, प्रभारी अधिकारी और विज्ञापन निर्धारण अधिकारी शामिल होते हैं।
बिना अनुमति विज्ञापन मिलने पर जांच के बाद नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी होर्डिंग नहीं हटाने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाई तो लगेगा जुर्माना
शिकायत मिलने पर संबंधित होर्डिंग की जांच कराई जाती है। विज्ञापन अवैध पाए जाने पर नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी होर्डिंग नहीं हटाई जाती है तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाने के साथ उसे हटाने की कार्रवाई की जाती है।
देवी प्रसाद, राजस्व निरीक्षक, नगर निगम
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विज्ञापनों से नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आय हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष में तीन करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। वहीं, अवैध होर्डिंग से सालाना करीब पांच करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
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नियमों के अनुसार, दो होर्डिंग के बीच 10 मीटर से अधिक दूरी होनी चाहिए। मार्ग और फुटपाथ पर ऐसे स्थानों पर विज्ञापन नहीं लगाया जा सकता, जहां लोगों की आवाजाही प्रभावित हो। इसके बावजूद शहर में कई जगह होर्डिंग एक-दूसरे के काफी करीब लगे हैं। कुछ स्थानों पर ये पैदल चलने वालों के लिए भी बाधा बन रहे हैं।
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अनुमति के लिए एनओसी और दस्तावेज जरूरी
किसी भवन पर विज्ञापन लगाने के लिए भवन स्वामी का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और जरूरी दस्तावेजों के साथ नगर निगम में आवेदन करना होता है। दस्तावेजों और प्रस्तावित स्थल की जांच के बाद अनुमति दी जाती है। दुकानदारों को भी दुकान पर छोटे आकार का विज्ञापन लगाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेनी होती है। विज्ञापन केवल स्वीकृत स्थान पर और तय शर्तों के अनुसार ही लगाए जा सकते हैं।
ये हैं प्रमुख नियम
पेड़-पौधों पर होर्डिंग बांधकर नहीं लगाए जा सकते।
विज्ञापन एजेंसियों को पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए निर्धारित शुल्क देना होता है।
विज्ञापन संबंधी मामलों के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। इसमें नामित अपर नगर आयुक्त, नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष, महापौर की ओर से नामित चार पार्षद, मुख्य अभियंता, ट्रैफिक सेल के अभियंता, संबंधित जोनल अधिकारी, प्रभारी अधिकारी और विज्ञापन निर्धारण अधिकारी शामिल होते हैं।
बिना अनुमति विज्ञापन मिलने पर जांच के बाद नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी होर्डिंग नहीं हटाने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाई तो लगेगा जुर्माना
शिकायत मिलने पर संबंधित होर्डिंग की जांच कराई जाती है। विज्ञापन अवैध पाए जाने पर नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी होर्डिंग नहीं हटाई जाती है तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाने के साथ उसे हटाने की कार्रवाई की जाती है।
देवी प्रसाद, राजस्व निरीक्षक, नगर निगम