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Ayodhya News: फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सातवां दिन पर्यावरणीय नैतिकता पर जोर
Sat, 02 May 2026 09:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 02 May 2026 09:15 PM IST
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय में आयोजित 12 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के सातवें दिन पर्यावरणीय नैतिकता और सतत विकास पर केंद्रित व्याख्यान आयोजित किया गया। सतत पर्यावरण प्रबंधन विषय पर चल रहे इस कार्यक्रम का आयोजन आईक्यूएसी एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. अनुप कुमार सिंह, प्राचार्य पीपीएन पीजी कॉलेज, कानपुर एवं पूर्व सदस्य, उत्तर प्रदेश राज्य वन्यजीव बोर्ड रहे। उन्होंने कहा कि मानव और प्रकृति का संबंध परस्पर निर्भरता पर आधारित है और पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संकट का मूल कारण गरीबी नहीं, बल्कि संसाधनों का असंतुलित उपभोग और दुरुपयोग है। कॉमन प्रॉपर्टी रिसोर्सेज के संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने चेताया कि यूज एंड थ्रो जैसी प्रवृत्तियां पर्यावरणीय असंतुलन को बढ़ावा देती हैं, जबकि भारतीय दर्शन संतुलन, संयम और सह-अस्तित्व का संदेश देता है। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, शोधार्थी और प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाएं रखीं। आयोजकों ने मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रतिभागियों को आगामी सत्रों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. अनुप कुमार सिंह, प्राचार्य पीपीएन पीजी कॉलेज, कानपुर एवं पूर्व सदस्य, उत्तर प्रदेश राज्य वन्यजीव बोर्ड रहे। उन्होंने कहा कि मानव और प्रकृति का संबंध परस्पर निर्भरता पर आधारित है और पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संकट का मूल कारण गरीबी नहीं, बल्कि संसाधनों का असंतुलित उपभोग और दुरुपयोग है। कॉमन प्रॉपर्टी रिसोर्सेज के संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने चेताया कि यूज एंड थ्रो जैसी प्रवृत्तियां पर्यावरणीय असंतुलन को बढ़ावा देती हैं, जबकि भारतीय दर्शन संतुलन, संयम और सह-अस्तित्व का संदेश देता है। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, शोधार्थी और प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाएं रखीं। आयोजकों ने मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रतिभागियों को आगामी सत्रों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
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