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Ayodhya News: रामनगरी में शुरू हुई कामदगिरि परिक्रमा जैसी परंपरा
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अयोध्या। चित्रकूट की कामदगिरि परिक्रमा की तर्ज पर बृहस्पतिवार से अयोध्या में नई परंपरा का आगाज हुआ। इस परंपरा को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समवेत परिक्रमा...नाम दिया गया है। इसके तहत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संयोजन में परिक्रमा निकाली गई जो भक्तों के लिए आस्था का अद्वितीय अनुभव बन गई। इस परिक्रमा में रोजाना श्रद्धालु और अयोध्या के संत शामिल होंगे। सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर साइनेज बोर्ड, पेयजल और विश्राम स्थल के साथ सुरक्षा का प्रबंध किया जा रहा है।
राम मंदिर से आरंभ हुई परिक्रमा में राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास, पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और डॉ. चंद्रगोपाल पांडेय समेत अन्य शामिल हुए। पुलिस की सुरक्षा के बीच परिक्रमा करीब दो घंटे तक चली। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डाॅ़ अनिल मिश्र ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि का परकोटा बनने के बाद भक्त राम मंदिर की परिक्रमा भी रोजाना कर सकेंगे। इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समवेत परिक्रमा...के रूप में अयोध्या के प्रमुख स्थलों की परिक्रमा की परंपरा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि परिक्रमा करने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई है। राम मंदिर ट्रस्ट प्रशासन के साथ मिलकर रणनीति बना रहा है। परिक्रमा में शामिल हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा कि यह परिक्रमा अयोध्या को अद्वितीय तीर्थ का स्वरूप प्रदान करेगी, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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राम मंदिर से आरंभ हुई परिक्रमा में राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास, पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और डॉ. चंद्रगोपाल पांडेय समेत अन्य शामिल हुए। पुलिस की सुरक्षा के बीच परिक्रमा करीब दो घंटे तक चली। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डाॅ़ अनिल मिश्र ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि का परकोटा बनने के बाद भक्त राम मंदिर की परिक्रमा भी रोजाना कर सकेंगे। इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समवेत परिक्रमा...के रूप में अयोध्या के प्रमुख स्थलों की परिक्रमा की परंपरा शुरू की गई है।
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उन्होंने बताया कि परिक्रमा करने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई है। राम मंदिर ट्रस्ट प्रशासन के साथ मिलकर रणनीति बना रहा है। परिक्रमा में शामिल हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा कि यह परिक्रमा अयोध्या को अद्वितीय तीर्थ का स्वरूप प्रदान करेगी, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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