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Ayodhya News: जीआईसी में 14 करोड़ रुपये से बनाई जा रही है ड्रीम लैब
Mon, 19 Oct 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:21 PM IST
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10 - जीआईसी परिसर के इसी भवन में स्थापित हो रहा ड्रीम लैब -संवाद
अयोध्या। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब आधुनिक तकनीक की बारीकियां भी सीख सकेंगे। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ड्रीम लैब विकसित की जा रही है।
टाटा समूह की कंपनी नेल्को के सहयोग से स्थापित होने वाली इस लैब में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग और थ्रीडी प्रिंटिंग जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की तैयारी है।
लैब में कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर रहेगा। जीआईसी के अलावा राजकीय इंटर कॉलेज ददेरा, राजकीय इंटर कॉलेज टकसरा और राजकीय हाईस्कूल सराय सागर के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में क्षेत्रीय लैब विकसित करने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकी संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी।
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प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और रचनात्मकता विकसित करने में मदद मिलेगी। तकनीकी कौशल उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण की तैयारी में भी सहायक होंगे। लैब तैयार होने के बाद शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमकार पाल ने बताया कि डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी के प्रयास से जीआईसी में 14 करोड़ रुपये की लागत से लैब विकसित की जा रही है। दिसंबर तक इसे तैयार करने का लक्ष्य है। ड्रीम लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक की जानकारी हासिल करने और प्रोजेक्ट के जरिए सीखने का अवसर मिलेगा।
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टाटा समूह की कंपनी नेल्को के सहयोग से स्थापित होने वाली इस लैब में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग और थ्रीडी प्रिंटिंग जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की तैयारी है।
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लैब में कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर रहेगा। जीआईसी के अलावा राजकीय इंटर कॉलेज ददेरा, राजकीय इंटर कॉलेज टकसरा और राजकीय हाईस्कूल सराय सागर के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में क्षेत्रीय लैब विकसित करने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकी संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी।
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प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और रचनात्मकता विकसित करने में मदद मिलेगी। तकनीकी कौशल उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण की तैयारी में भी सहायक होंगे। लैब तैयार होने के बाद शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमकार पाल ने बताया कि डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी के प्रयास से जीआईसी में 14 करोड़ रुपये की लागत से लैब विकसित की जा रही है। दिसंबर तक इसे तैयार करने का लक्ष्य है। ड्रीम लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक की जानकारी हासिल करने और प्रोजेक्ट के जरिए सीखने का अवसर मिलेगा।