चैत्र नवरात्रि में लॉकडाउन की वजह से भले ही देवी मंदिरों पर ताले लटक रहे हों, लेकिन भक्तों की आस्था कम नहीं हुई है। घरों से मंदिरों तक जग जननी जगदंबा की भक्त सविधि आराधना कर रहे हैं। नवरात्रि की चतुर्थी को मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की झांकियां सजाई गईं। इस दौरान सृष्टि की आदि स्वरूपा मां कूष्मांडा से रोग-शोक व भय से मुक्ति के लिए आराधना की गई।
रोग-शोक से मुक्ति के लिए भक्तों ने मां कूष्मांडा से लगाई गुहार
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51 शक्तिपीठों में से एक मीरापुर स्थित मां कल्याणी देवी के मंदिर में सुबह कोरोना महामारी से मुक्ति के मंत्रों से मां की आराधना की गई। मंगला आरती के बाद- देवि प्रसीद परिपाल्य नाअरिभीते नित्यं यथासुखधादतुनैव सद्य:/पापानि सर्व जगतां नमाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान...। इन मंत्रों के साथ विश्व केपाप, ताप निवारण के लिए मां कल्याणी देवी से कोरोना महामारी से बचाने के लिए प्रार्थना की गई। आचार्य पं श्याम जी पाठक ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद पुजारी नियमित रूप से मां की सविधि शृंगार झांकी सजा रहे हैं।
स्वर्णाभूषणों और गुलाब की मालाओं से सजे मां के चतुर्थ स्वरूप कूष्मांडा की मंगला आरती के बाद वैदिक आचार्यों ने की ओर से शतचंडी पाठ और हवन किया गया। पूजा, आरती में पं श्याम पाठक के अलावा सुशील पाठक, दिलीप पाठक, अंगद शुक्ला, सोनू तिवारी, लवकुश, राजेंद्र शुक्ला ने हिस्सा लिया। शाम सात बजे मां की महाआरती की गई। इसी तरह मां ललिता देवी की भी कूष्मांडा स्वरूप में झांकी सजाई गई। मां के दरबार में पुराजियों ने कोरोना महामारी से बचने के लिए दुर्गासप्तशती के मंत्रों का जाप किया।
इनसेट सृष्टि की देवी हैं मां कूष्मांडा ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र बताते हैं कि मां दुर्गा के चौथे स्वरूप का नाम कूष्मांडा है। ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से जाना जाता है। यही सृष्टि की आदि स्वरूपा और आदि शक्ति हैं। मान्यता है कि सूर्यलोक में वास करने वाली मां कूष्मांडा के तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित हो रही हैं। मां कूष्मांडा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक खत्म हो जाते हैं।
कल्याणी देवी मंदिर की ओर बाटी गई सामग्री प्रयागराज। लॉक डाउन के बीच कल्याणी देवी मंदिर की ओर से भी गरीबों, असहायों की मदद शुरू कर दी गई है। मंदिर के व्यवस्थापक श्यामजी पाठक ने गरीबों को अन्न दान किया। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन में फंसे लोगों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। प्रतिदिन गरीबों, असहायों को खाने के पैकेट व राशन की व्यवस्था कराई जाएगी।