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रोग-शोक से मुक्ति के लिए भक्तों ने मां कूष्मांडा से लगाई गुहार

Sat, 28 Mar 2020 04:59 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sat, 28 Mar 2020 04:59 PM IST
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pooja of mother kushmanda for freedom from corona disease
नवरात्रि - फोटो : social media

चैत्र नवरात्रि में लॉकडाउन की वजह से भले ही देवी मंदिरों पर ताले लटक रहे हों, लेकिन भक्तों की आस्था कम नहीं हुई है। घरों से मंदिरों तक जग जननी जगदंबा की भक्त सविधि आराधना कर रहे हैं। नवरात्रि की चतुर्थी को मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की झांकियां सजाई गईं। इस दौरान सृष्टि की आदि स्वरूपा मां कूष्मांडा से रोग-शोक व भय से मुक्ति के लिए आराधना की गई।

pooja of mother kushmanda for freedom from corona disease
Happy Navratri 2020 - फोटो : अमर उजाला

51 शक्तिपीठों में से एक मीरापुर स्थित मां कल्याणी देवी के मंदिर में सुबह कोरोना महामारी से मुक्ति के मंत्रों से मां की आराधना की गई। मंगला आरती के बाद- देवि प्रसीद परिपाल्य नाअरिभीते नित्यं यथासुखधादतुनैव सद्य:/पापानि सर्व जगतां नमाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान...। इन मंत्रों के साथ विश्व केपाप, ताप निवारण के लिए मां कल्याणी देवी से कोरोना महामारी से बचाने के लिए प्रार्थना की गई। आचार्य पं श्याम जी पाठक ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद पुजारी नियमित रूप से मां की सविधि शृंगार झांकी सजा रहे हैं।

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navratri - फोटो : navratri

स्वर्णाभूषणों और गुलाब की मालाओं से सजे मां के चतुर्थ स्वरूप कूष्मांडा की मंगला आरती के बाद वैदिक आचार्यों ने की ओर से शतचंडी पाठ और हवन किया गया। पूजा, आरती में पं श्याम पाठक के अलावा सुशील पाठक, दिलीप पाठक, अंगद शुक्ला, सोनू तिवारी, लवकुश, राजेंद्र शुक्ला ने हिस्सा लिया। शाम सात बजे मां की महाआरती की गई। इसी तरह मां ललिता देवी की भी कूष्मांडा स्वरूप में झांकी सजाई गई। मां के दरबार में पुराजियों ने कोरोना महामारी से बचने के लिए दुर्गासप्तशती के मंत्रों का जाप किया।

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navratri - फोटो : navratri

इनसेट सृष्टि की देवी हैं मां कूष्मांडा ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र बताते हैं कि मां दुर्गा के चौथे स्वरूप का नाम कूष्मांडा है। ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्माण्डा देवी के नाम से जाना जाता है। यही सृष्टि की आदि स्वरूपा और आदि शक्ति हैं। मान्यता है कि सूर्यलोक में वास करने वाली मां कूष्मांडा के तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित हो रही हैं। मां कूष्मांडा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक खत्म हो जाते हैं।

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navratri - फोटो : navratri
मां कूष्मांडा की पूजा का मंत्र है-करोतु सा न: शुभहेतुरीश्वरी/शुभानि भद्राण्यभिहन्दु चापद:।इन मंत्रों से पूजा-ध्यान करने से मां भक्तों का कल्याण करती हैं। इनसेट लॉक डाउन में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आया ललिता देवी मंदिर प्रबंधन प्रयागराज। कोरोना वायरस के खौफ के बीच लॉक डाउन में फंसे लोगों की मदद के लिए मां ललिता देवी मंदिर प्रबंधन ने आगे आने का निर्णय लिया है। शनिवार को यह जानकारी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि मोहल्ले के लोगों व मां के भक्तों के सहयोग से जरूरतमंद लोगों तक खाने के पैकट पहुंचाए जाएंगे।

कल्याणी देवी मंदिर की ओर बाटी गई सामग्री प्रयागराज। लॉक डाउन के बीच कल्याणी देवी मंदिर की ओर से भी गरीबों, असहायों की मदद शुरू कर दी गई है। मंदिर के व्यवस्थापक श्यामजी पाठक ने गरीबों को अन्न दान किया। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन में फंसे लोगों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। प्रतिदिन गरीबों, असहायों को खाने के पैकेट व राशन की व्यवस्था कराई जाएगी। 
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