फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Amitabh Bachchan Big B remembered his village Babu Patti in KBC, said- desire to build school there

exclusive : केबीसी में अमिताभ बच्चन को याद आया अपना गांव बाबू पट्टी, कहा- वहां स्कूल बनवाने की इच्छा

Wed, 21 Oct 2020 08:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 21 Oct 2020 08:53 PM IST
विज्ञापन
Amitabh Bachchan Big B remembered his village Babu Patti in KBC, said- desire to build school there
अमिताभ बच्चन - फोटो : Instagram/amitabhbachchan

बिग बी अमिताभ बच्चन ने मंगलवार को ‘ कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी)’ कार्यक्रम में अपने गांव बाबू पट्टी प्रतापगढ़ को याद किया। इस दौरान अमिताभ से एक प्रतिभागी के रिश्तेदार ने आग्रह किया कि वह अपने गांव बाबू पट्टी जरूर जाएं। इस पर अमिताभ ने कहा कि पिछले दिनों ही उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ बाबू पट्टी जाने की चर्चा की। कहा कि मुझे वहां जाना है और वहां के लिए कुछ करना भी है। भले ही वह स्कूल का निर्माण हो या फिर कुछ और।

विज्ञापन

Amitabh Bachchan Big B remembered his village Babu Patti in KBC, said- desire to build school there
amitabh bachchan - फोटो : sony tv twitter

दरअसल केबीसी में भिलाई की प्रतिभागी अंकिता सिंह से मीराबाई को लेकर एक सवाल पूछा गया था। इस पर अंकिता ने लाइफ लाइन का प्रयोग करते हुए जौनपुर में रहने वाले अपने मौसा को फोन करने को कहा। फोन मिला तो अंकिता के मौसा ने अमिताभ बच्चन से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि बाबू पट्टी, जो बिग बी का गांव है, वहां रहने वाले लोग चाहते हैं कि अमिताभ बच्चन अपने परिवार के सदस्यों के साथ गांव आएं। अमिताभ ने उन्हें निराश नहीं किया। कहा कि वह बहुत जल्द बाबू पट्टी आएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

Amitabh Bachchan Big B remembered his village Babu Patti in KBC, said- desire to build school there
अमिताभ
इसके पूर्व केबीसी के इसी सीजन में अमिताभ बच्चन ने प्रयागराज को भी याद किया था। तब उन्होंने बताया था कि जब प्रयागराज के चौक में वर्ष 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था, उस समय वह अपनी मां तेजी बच्चन की कोख में थे। उस दौरान मां तेजी बच्चन भी आंदोलनकारियों के समर्थन में चौक पहुंच गई थी।

जब वह घर लौटीं तो पिता हरिवंश राय के कुछ साहित्यकार मित्रों ने कहा अगर आपके बेटा हुआ तो उसका नाम इंकलाब रखना, क्योंकि उस आंदोलन में इंकलाब जिंदाबाद के नारे लग रहे थे। पैदा होने के बाद भी मुझे इंकलाब पुकारा भी गया, लेकिन बाद में कवि सुमित्रानंदन पंत के कहने पर मेरा नाम अमिताभ रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed