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स्मृति ने नसीहत दे लौटाया एएमयू के वीसी को
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2016 01:38 AM IST
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स्मृति र्ईरानी
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूराो
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तमाम अटकलाें के बीच गुरुवार देर शाम केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से मिलने दिल्ली पहुंचे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह को कई तरह की नसीहतें देकर खाली हाथ लौटा दिया गया। इस क्रम में उन्हें एएमयू को मिले 90 करोड़ खर्च करने की भी हिदायत दी गई। ईरानी ने उनसे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के एएमयू केंद्र द्वारा संचालित बीएड कोर्स को लेकर अपनी चिंताआें से भी अवगत कराया। वैसे, एएमयू वीसी ने बातचीत को लेकर संतोष जताया है। दूसरी तरफ मंत्रालय के संयुक्त सचिव एसएस संदु ने आश्वस्त किया कि इक्सपेंडीचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) ने पूर्व में जो भी ग्रांट देने का निर्णय लिया है, एएमयू को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
एएमयू के वीसी जमीरउद्दीन शाह के नेतृत्व में वृहस्पतिवार को एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री से विवि के अल्पसंख्यक स्वरूप, केंद्र एवं फंड के साथ यूनिवर्सिटी की योजनाओं को लेकर मिला था।
बैठक में मौजूद बिजनौर सांसद एवं एएमयू कोर्ट मेंबर कुंवर भारतेंद्र ने अमर उजाला को बताया कि केंद्रीय मंत्री ने कुलपति द्वारा हॉस्टल एवं अन्य बिल्डिंग के लिए फंड मांगे जिस पर उन्हें हिदायत दी गई कि पहले एएमयू में शिक्षकों की कमी दूर करें। वहां शिक्षकों की भारी कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बिल्डिंगें बाद में भी बनाई जा सकती हैं। बैठक में एएमयू के मुर्शिदाबाद केंद्र द्वारा संचालित बीएड कोर्स के प्रति भी उन्हाेंने चिंता जताई। उन्हाेंने कहा कि एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन) से बिना मान्यता के वहां बीएड कोर्स संचालित करना उचित नहीं। बाद में विद्यार्थियों को परेशानी आएगी। कोर्स के दौरान उनका बहुमूूल्य समय एवं पैसे खर्च हो रहे हैं। अल्पसंख्यक स्वरूप पर उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। संवैधानिक एवं न्यायिक दृष्टिकोण से जो उचित होगा, किया जाएगा। फंड के सवाल पर उन्होंने कहा कि एएमयू को पहले ही 90 करोड़ रुपये मिला हुआ है। सर्व प्रथम उसे खर्च कर हिसाब दें। उसके बाद फंड की दिक्कत नहीं आएगी।
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बैठक में मौजूद सांसद सतीश गौतम ने बताया कि एएमयू केंद्रों के लिए फंड के सवाल पर केंद्रीय मंत्री का कहना है कि एएमयू द्वारा संचालित केंद्रों को नहीं, एएमयू को पैसा दिया जाएगा। इधर, एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने केंद्रीय मंत्री से बातचीत पर संतोष जताया है। उन्हाेंने कहा कि मंत्री की ओर से कोई सीधा आश्वासन नहीं मिला, पर भरोसा दिलाया गया है कि एएमयू के प्रति सरकार का रुख सकारात्मक रहेगा।
एएमयू पीआरओ सलाहकार डॉ. राहत अबरार ने बताया कि वीसी ने केंद्रीय मंत्री को वहीं ज्ञापन सौंपे, जो पांच मार्च को प्रधानमंत्री को दिए गए थे। उसमें एएमयू का अल्पसंख्यक स्वरूप, केंद्र, फंड मुहैय्या कराने आदि की मांग की गई थी। वीसी ने स्मृति ईरानी से एएमयू के तीनों केंद्रों के लिए धन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों पर शोध कार्य नहीं हो रहा है। इस पर कुलपति ने कहा कि धन उपलब्ध होने एवं इमारतों के निर्माण के बाद केंद्रों पर शोध कार्य
शुरू हो जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कुलपति से कहा कि यूनिवर्सिटी एवं उससे संबंधित ग्रांट के संदर्भ में वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव से भेंट करे। केंद्रीय मंत्री एवं सचिव से मुलाकात के बाद एएमयू कुलपति प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भी भेंट की। उन्हें स्मृति ईरानी से बातचीत का ब्योरा दिया गया। स्मृति ईरानी के साथ बातचीत के दौरान सांसद एवं एएमयू कोर्ट सदस्य कुंवर भारतेंद्र एवं सतीश गौतम के अतिरिक्त पीवीसी सैयद अहमद अली एवं रजिस्ट्रार डॉ. असफर अली खान भी मौजूद थे।
स्मृति से मिले परवेज, भारतेंद्र का एएमयू में करेंगे स्वागत
सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मिले और एएमयू को अल्पसंख्यक स्वरूप दिलाने में मदद की अपील की। उन्होंने एएमयू के किशनगंज सेंटर को फंड उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय मंत्री का शुक्रिया अदा किया। परवेज सिद्दीकी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री से एएमयू कुलपति को मिलाने में सांसद कुंवर भारतेंद्र का विशेष सहयोग रहा। हमलोग जल्द ही उन्हें एएमयू में बुलाकर स्वागत करेंगे। न्यायिक सेवा में जाने को इच्छुक दलित छात्रों के लिए एएमयू में कोचिंग की मांग भी की। प्रतिनिधि मंडल में डॉ. मो. आलमगीर, सत्यार्थ सक्सेना ादि शामिल थे।
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एएमयू के वीसी जमीरउद्दीन शाह के नेतृत्व में वृहस्पतिवार को एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री से विवि के अल्पसंख्यक स्वरूप, केंद्र एवं फंड के साथ यूनिवर्सिटी की योजनाओं को लेकर मिला था।
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बैठक में मौजूद बिजनौर सांसद एवं एएमयू कोर्ट मेंबर कुंवर भारतेंद्र ने अमर उजाला को बताया कि केंद्रीय मंत्री ने कुलपति द्वारा हॉस्टल एवं अन्य बिल्डिंग के लिए फंड मांगे जिस पर उन्हें हिदायत दी गई कि पहले एएमयू में शिक्षकों की कमी दूर करें। वहां शिक्षकों की भारी कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बिल्डिंगें बाद में भी बनाई जा सकती हैं। बैठक में एएमयू के मुर्शिदाबाद केंद्र द्वारा संचालित बीएड कोर्स के प्रति भी उन्हाेंने चिंता जताई। उन्हाेंने कहा कि एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन) से बिना मान्यता के वहां बीएड कोर्स संचालित करना उचित नहीं। बाद में विद्यार्थियों को परेशानी आएगी। कोर्स के दौरान उनका बहुमूूल्य समय एवं पैसे खर्च हो रहे हैं। अल्पसंख्यक स्वरूप पर उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। संवैधानिक एवं न्यायिक दृष्टिकोण से जो उचित होगा, किया जाएगा। फंड के सवाल पर उन्होंने कहा कि एएमयू को पहले ही 90 करोड़ रुपये मिला हुआ है। सर्व प्रथम उसे खर्च कर हिसाब दें। उसके बाद फंड की दिक्कत नहीं आएगी।
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बैठक में मौजूद सांसद सतीश गौतम ने बताया कि एएमयू केंद्रों के लिए फंड के सवाल पर केंद्रीय मंत्री का कहना है कि एएमयू द्वारा संचालित केंद्रों को नहीं, एएमयू को पैसा दिया जाएगा। इधर, एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने केंद्रीय मंत्री से बातचीत पर संतोष जताया है। उन्हाेंने कहा कि मंत्री की ओर से कोई सीधा आश्वासन नहीं मिला, पर भरोसा दिलाया गया है कि एएमयू के प्रति सरकार का रुख सकारात्मक रहेगा।
एएमयू पीआरओ सलाहकार डॉ. राहत अबरार ने बताया कि वीसी ने केंद्रीय मंत्री को वहीं ज्ञापन सौंपे, जो पांच मार्च को प्रधानमंत्री को दिए गए थे। उसमें एएमयू का अल्पसंख्यक स्वरूप, केंद्र, फंड मुहैय्या कराने आदि की मांग की गई थी। वीसी ने स्मृति ईरानी से एएमयू के तीनों केंद्रों के लिए धन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों पर शोध कार्य नहीं हो रहा है। इस पर कुलपति ने कहा कि धन उपलब्ध होने एवं इमारतों के निर्माण के बाद केंद्रों पर शोध कार्य
शुरू हो जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कुलपति से कहा कि यूनिवर्सिटी एवं उससे संबंधित ग्रांट के संदर्भ में वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव से भेंट करे। केंद्रीय मंत्री एवं सचिव से मुलाकात के बाद एएमयू कुलपति प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भी भेंट की। उन्हें स्मृति ईरानी से बातचीत का ब्योरा दिया गया। स्मृति ईरानी के साथ बातचीत के दौरान सांसद एवं एएमयू कोर्ट सदस्य कुंवर भारतेंद्र एवं सतीश गौतम के अतिरिक्त पीवीसी सैयद अहमद अली एवं रजिस्ट्रार डॉ. असफर अली खान भी मौजूद थे।
स्मृति से मिले परवेज, भारतेंद्र का एएमयू में करेंगे स्वागत
सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मिले और एएमयू को अल्पसंख्यक स्वरूप दिलाने में मदद की अपील की। उन्होंने एएमयू के किशनगंज सेंटर को फंड उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय मंत्री का शुक्रिया अदा किया। परवेज सिद्दीकी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री से एएमयू कुलपति को मिलाने में सांसद कुंवर भारतेंद्र का विशेष सहयोग रहा। हमलोग जल्द ही उन्हें एएमयू में बुलाकर स्वागत करेंगे। न्यायिक सेवा में जाने को इच्छुक दलित छात्रों के लिए एएमयू में कोचिंग की मांग भी की। प्रतिनिधि मंडल में डॉ. मो. आलमगीर, सत्यार्थ सक्सेना ादि शामिल थे।