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पत्नी ड्यूटी पर होती तो डॉक्टर पति करते थे बच्चों की देखभाल
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बच्चों के साथ डॉक्टर अमित एवं डॉ रश्मि चौधरी
- फोटो : Amar Ujala
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शानदार सामंजस्य बैठाकर डॉक्टर दंपत्ति ने की कोविड मरीजों की सेवा
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। डॉक्टर दंपत्ति ने शानदार सामंजस्य बैठाकर कोविड मरीजों की सेवा की। पत्नी जब ड्यूटी पर होती तो पति बच्चों को संभालते। जब पति ड्यूटी पर होते तो पत्नि घर संभालती थी।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में डॉ. अमित सिंह एवं डॉ. रश्मि चौधरी तैनात है। कोविड की शुरूआत से ही पति-पत्नी कोविड वार्ड में ड्यूटी करते आ रहे हैं। १० साल एवं साढ़े तीन साल के दो पुत्र है। कोविड अस्पताल में ड्यटी शुरू हुई तो बच्चों की चिंता स्वाभाविक है। सवाल था कि संक्रमण से बचाते हुए कैसे बच्चों को संभाला जाए। शुरू में १४ दिन की ड्यूटी के बाद १४ दिन होटल में रहना पड़ता था। मतलब एक महीने के बाद घर वापसी होती थी। कोविड टीका लगने के बाद डॉक्टरों को ड्यूटी के बाद घर जाने की अनुमति मिल गई। डॉ. अमित सिंह कहते हैं कि हमलोगों ने ड्यूटी को प्राथमिकता दी। इतना जरूर ध्यान रखा कि बच्चे प्रभावित न हो। १५ दिन पत्नी ड्यूटी करती तो वह स्वयं घर रहकर बच्चों की देखभाल करते थे। जब वह स्वयं ड्यूटी पर होते तो पत्नी बच्चों को संभालती थी। वह कहते हैं कि कोविड वार्ड से आने के बाद संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए वे लोग विशेष ध्यान रखते थे ताकि बच्चे संक्रमित न हो। स्नान, कपड़े चेंज करने एवं पूरी तरह सैनिटाइज होने के बाद बच्चों के पास जाते थे। डॉ. अमित एवं डॉ. रश्मि का कहना है कि दिक्कतों को ध्यान में रखेंगे तो कोई काम नहीं हो सकता है। दिक्कत तो आती-जाती रहती है। उमीद है कि जल्दी हमलोग कोरोना को पराजित कर सामान्य जीवन में लौट आएंगे।
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