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मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी एंड कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सेंटर शुरू बच्चों के जटिल ह्रदय रोग और जन्मजात बीमारी के लिए एडवांस चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा के आधुनिकीकरण का एक नया अध्याय और जुड़ गया है। मेडिकल कॉलेज में 16 करोड़ रुपए की लागत से पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी एंड कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सेंटर की शुरुआत हो गई है।
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इसके लिए विश्वविद्यालय के विजिटर की ओर से स्वीकृति दे दी गई थी। साथ ही विश्वविद्यालय को इसके लिए फंड भी रिलीज कर दिया गया। यह सेंटर भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है। इस सेंटर में बच्चों के जटिल हृदय रोग और उनकी सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए अब तक मरीज के परिवार वालों को दिल्ली का रुख करना होता था। यह सेंटर यहां खुलने से न सिर्फ अलीगढ़ बल्कि आसपास के अन्य जिलों को भी लाभ होगा।
जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं बच्चों के हृदय रोग संबंधी समस्याएं वयस्कों के हृदय रोग संबंधी समस्याओं से थोड़ा अलग होती हैं। इसके लिए विशेष प्रकार के अध्ययन और चिकित्सा शैली की आवश्यकता होती है।
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इसलिए बच्चों के हृदय रोग जो दवाओं से ठीक हो सकते हैं वह कार्डियोलॉजी सेंटर में उपचारित किए जाते हैं। जिन मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है वह कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सेंटर में देखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में हृदय रोग अधिकांश मामलों में जन्मजात पाए जाते हैं। इसलिए यह वयस्कों के हृदय रोग से अलग होते हैं। प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि बच्चों के जन्मजात अन्य लोगों के लिए भी मेडिकल कॉलेज में डिस्टिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर काम कर रहा है इसके माध्यम से भी बच्चों की जन्मजात विकृतियों और रोगों का उपचार कुशलतापूर्वक किया जा रहा है।
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