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फर्जी खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी पर केस
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:42 AM IST
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अदालत
- फोटो : demo pic
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सराफ धन कुमार जैन पर हुए जानलेवा हमले के मामले का फर्जी खुलासा करने के मामले में क्राइम ब्रांच प्रभारी आशीष कुमार और चार-पांच अज्ञात पुलिसकर्मियोें केखिलाफ थाना एमएम गेट में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की है। अदालत ने आदेश लगभग डेढ़ महीना पहले दिया था लेकिन तब से पुलिस ने इसे दबा रखा था।
फुलट्टी में धन कुमार जैन पर हमला 22 नवंबर 2015 की रात हुआ था। इसका खुलासा न होने पर 25 नवंबर को आगरा बंद का आह्वान किया गया था। पुलिस ने दबाव में आकर 24 को ही फर्जी खुलासा कर दिया था। प्रोपर्टी डीलर योगेश और उसकी फर्म के कर्मचारी प्रमोद को गिरफ्तार किया गया था। इसका विरोध होने पर बाद में पुलिस ने फिर से खुलासा किया।
योगेश और प्रमोद को क्लीन चिट देकर उनकी जेल से रिहाई करवाई। योगेश का आरोप था कि आशीष ने सिकंदरा में एसओ रहते उससे पैसे की मांग की थी। उसके मना करने पर उससे खुन्नस रखने लगा। मौका मिलते ही उसे फंसा दिया। योगेश ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर एफआईआर के आदेश दिए गए।
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सीओ कोतवाली मनीषा ने बताया कि दरोगा आशीष और चार-पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, आशीष शुरू से कह रहे हैं कि उन्होंने न कोई फर्जी खुलासा किया और न ही कभी योगेश से पैसे की मांग की थी।
समझौते का दबाव बना रही पुलिस
आगरा। योगेश ने बताया कि उसके जेल से बाहर आने के बाद से उस पर आशीष के साथ समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस वाले उसे फोन करके बुलाते हैं। वहां आशीष पहले से मौजूद होता है। उसका कहना है कि वह केस वापस लेने वाला नहीं है। उसे फर्जी केस में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।
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फुलट्टी में धन कुमार जैन पर हमला 22 नवंबर 2015 की रात हुआ था। इसका खुलासा न होने पर 25 नवंबर को आगरा बंद का आह्वान किया गया था। पुलिस ने दबाव में आकर 24 को ही फर्जी खुलासा कर दिया था। प्रोपर्टी डीलर योगेश और उसकी फर्म के कर्मचारी प्रमोद को गिरफ्तार किया गया था। इसका विरोध होने पर बाद में पुलिस ने फिर से खुलासा किया।
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योगेश और प्रमोद को क्लीन चिट देकर उनकी जेल से रिहाई करवाई। योगेश का आरोप था कि आशीष ने सिकंदरा में एसओ रहते उससे पैसे की मांग की थी। उसके मना करने पर उससे खुन्नस रखने लगा। मौका मिलते ही उसे फंसा दिया। योगेश ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर एफआईआर के आदेश दिए गए।
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सीओ कोतवाली मनीषा ने बताया कि दरोगा आशीष और चार-पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, आशीष शुरू से कह रहे हैं कि उन्होंने न कोई फर्जी खुलासा किया और न ही कभी योगेश से पैसे की मांग की थी।
समझौते का दबाव बना रही पुलिस
आगरा। योगेश ने बताया कि उसके जेल से बाहर आने के बाद से उस पर आशीष के साथ समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस वाले उसे फोन करके बुलाते हैं। वहां आशीष पहले से मौजूद होता है। उसका कहना है कि वह केस वापस लेने वाला नहीं है। उसे फर्जी केस में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।