National Science Day 2024: 28 फरवरी के दिन ही क्यों मनाया जाता है विज्ञान दिवस, जानें क्या है इस दिन का महत्व
क्या कभी आपने इस बारे में विचार किया है कि आखिर 28 फरवरी के दिन ही क्यों विज्ञान दिवस मनाया जाता है? इसके पीछे क्या वजह है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
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मानव के सभ्यतागत विकास में विज्ञान ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विज्ञान के आने के बाद कृषि, संचार, चिकित्सा, परिवहन, ऊर्जा और कई दूसरे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। विज्ञान ने आज के समय आधुनिक मानव के जीवन को पूरी तरह से बदल के रख दिया है। यही नहीं इसने अंतरिक्ष अन्वेषण करते हुए कई दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश करने में भी हमें सक्षम बनाया है। हर साल भारत में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्या कभी आपने इस बारे में विचार किया है कि आखिर 28 फरवरी के दिन ही क्यों राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है? इसके पीछे क्या वजह है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं -
28 फरवरी के दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाए जाने की पीछे बड़ी वजह यह है कि इसी दिन भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन इफेक्ट की खोज की थी। इस खोज के लिए सीवी रमन को साल 1930 में भौतिकी के नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम "सतत भविष्य के लिए विज्ञान" चुना गया है। 28 फरवरी के दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य सीवी रमन द्वारा विज्ञान जगत में दिए गए योगदान को याद करना है।
सीवी रमन का पूरा नाम चंद्रशेखर वेंकट रमन था। इनका जन्म 7 नवंबर, 1888 में हुआ था। इन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की।
वहीं साल 1907 से लेकर 1933 के बीच इन्होंने कोलकाता के इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस में काम करते हुए भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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