MGNREGA: मनरेगा मजदूरों का अब आधार बेस्ड सिस्टम से होगा पेमेंट, जानिए डिटेल्स
मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान अब तक किया जाता था। उसे अब आधार-आधारित-भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
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देश के ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार कुछ सालों पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लेकर आई थी। नरेगा के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब मजदूर सिंचाई, सड़क निर्माण, बांध निर्माण, तलाब निर्माण, कुआं खोदना आदि कार्य करते हैं। इसके बदले उनको उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी का जो भुगतान अब तक किया जाता था। उसे अब आधार-आधारित-भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। कांग्रेस ने इस फैसले पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने नए साल के मौके पर गरीब मजदूरों के लिए एक बेहद ही खराब निर्णय लिया है।
इसके अलावा ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस बारे में भी जानकारी दी है कि अगर कुछ ग्राम पंचायतों को तकनीक से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में सरकार उनको छूट देने पर विचार कर सकती है।
कांग्रेस ने इस फैसले पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार गरीब और कमजोर तबके से जुड़े लोगों को सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभ से वंचित करने के लिए आधार को हथियार बना रही है।
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मनरेगा की गिनती दुनिया के सबसे बड़े गारंटी कार्यक्रमों में की जाती है। इस स्कीम के अंतर्गत सरकार ग्रीमीण क्षेत्र में गरीबी और बेरोजगारी दर को कम करना चाहती है।
इसके अलावा सरकार मनरेगा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण ढांचे के विकास पर काम कर रही है। इस कार्यकर्म के अंतर्गत सीमांत इलाकों में रहने वाली महिलाएं भी सशक्त हो रही हैं।
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