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Aadhaar Card: नीले और सफेद आधार में क्या अंतर है? जानें नीला रंग किसके लिए जारी होता है

Sun, 23 Aug 2026 08:36 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Sun, 23 Aug 2026 08:36 PM IST
सार

Baal Aadhaar Card Rules: बाल आधार कार्ड नीले रंग का होता है, मगर इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। सामान्य तौर पर जो सफेद रंग का आधार कार्ड होता है उसमें बायोमेट्रिक अपडेट होता है, लेकिन बाल आधार में नहीं होता है। आइए इस लेख में नीले रंग के आधार के बारे में सब कुछ विस्तार से जानते हैं।

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Blue vs White Aadhaar Card: Key Differences and Purpose Explained in hindi
नीला आधार कार्ड - फोटो : AI

Blue vs White Aadhaar Card: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण देश के सभी नागरिकों के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड जारी करता है। आमतौर पर हम जो आधार कार्ड देखते हैं, वह सफेद रंग के बैकग्राउंड वाला होता है, जिसे हर उम्र का व्यक्ति पहचान के सबूत के तौर पर इस्तेमाल करता है। लेकिन UIDAI सफेद कार्ड के अलावा एक विशेष 'नीला आधार कार्ड' भी जारी करता है, जिसे 'बाल आधार' कहा जाता है। 



इन दोनों कार्डों के रंग में अंतर होने का मुख्य कारण आयु सीमा, बायोमेट्रिक डेटा और उनकी वैधता से जुड़ा हुआ है। आइए इस लेख में इसी से जुड़े सभी जरूरी नियमों के बारे में समझते हैं।

Blue vs White Aadhaar Card: Key Differences and Purpose Explained in hindi
नीला आधार कार्ड किसके लिए जारी होता है? - फोटो : Amar Ujala

नीला आधार कार्ड किसके लिए जारी होता है?

  • नीला आधार कार्ड खासतौर पर 5 साल या उससे कम उम्र के छोटे बच्चों के लिए जारी किया जाता है।
  • नवजात शिशु से लेकर 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों के माता-पिता उनके बाल आधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • इस कार्ड का मुख्य उद्देश्य नवजात बच्चों को जन्म के साथ ही एक कानूनी और डिजिटल पहचान दिलाना है।
  • बच्चों की सरकारी योजनाओं, अस्पताल में दाखिले और स्कूल में एडमिशन के समय नीला आधार कार्ड बेहद काम आता है।
Blue vs White Aadhaar Card: Key Differences and Purpose Explained in hindi
बायोमेट्रिक डेटा और पहचान की प्रक्रिया में अंतर - फोटो : Amar Ujala

बायोमेट्रिक डेटा और पहचान की प्रक्रिया में अंतर

  • इसमें कार्डधारक के 10 उंगलियों के निशान, आंखों का स्कैन और चेहरा शामिल होता है।
  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों की उंगलियों की छाप और आंखें पूरी तरह विकसित नहीं होती हैं, इसलिए नीले आधार में बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिया जाता।
  • नीले आधार कार्ड में बच्चे की केवल एक तस्वीर ली जाती है और उसे माता या पिता में से किसी एक के आधार कार्ड से लिंक किया जाता है।
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वैधता और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का नियम - फोटो : Amar Ujala

वैधता और अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का नियम

  • सफेद आधार कार्ड जिंदगी भर के लिए वैध रहता है और इसमें सामान्यतौर पर बार-बार बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती।
  • नीला आधार कार्ड केवल बच्चा 5 साल का होने तक ही मान्य रहता है, 5 वर्ष की उम्र पूरी होते ही यह अमान्य हो जाता है।
  • जब बच्चा 5 साल का हो जाए, तो उसके नजदीकी आधार केंद्र जाकर बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो) अपडेट कराना अनिवार्य होता है।
  • बायोमेट्रिक अपडेट होते ही नीले आधार कार्ड की जगह साधारण सफेद रंग का मुख्य आधार कार्ड जारी कर दिया जाता है।
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आवश्यक दस्तावेज और आवेदन का तरीका - फोटो : Adobe Stock
आवश्यक दस्तावेज और आवेदन का तरीका
  • नीले आधार कार्ड के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड होना जरूरी है।
  • इसके अलावा, अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप देकर भी नवजात शिशु के नीले आधार कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • इसके लिए किसी बायोमेट्रिक जांच की जरूरत नहीं होती, इसलिए आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी आधार केंद्र से इसे आसानी से बनवा सकते हैं।
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