फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Utility ›   Indian Clean Air Summit 2024: Household Air Pollution Crisis And Its Impact

ICAS: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है घरेलू वायु प्रदूषण, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का बन रहा कारण

Fri, 30 Aug 2024 10:15 AM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Fri, 30 Aug 2024 10:15 AM IST
सार

Indian Clean Air Summit 2024: ब्लैक कार्बन के संपर्क में रहने की वजह से लोगों को श्वसन संबंधी बीमारी, फेफड़ों का कैंसर, इम्फीसेमा, अस्थमा, हृदय रोग आदि कई गंभीर बीमारियां हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर PM2.5 औसतन लोगों की जीवन प्रत्याशा को लगभग 2.3 साल कम कर रहा है। 

विज्ञापन
Indian Clean Air Summit 2024: Household Air Pollution Crisis And Its Impact
Indian Clean Air Summit 2024 - फोटो : CSTEP

विस्तार

Indian Clean Air Summit 2024: सेंटर फॉर स्टडी ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी (CSTEP) द्वारा बेंगलुरु में आयोजित इंडियन क्लीन एयर समिट 2024 में डॉ सौम्या स्वामीनाथन (Principal Advisor, Ministry of Health and Family Welfare) ने बताया कि रिसर्च में इस बात का पता चला है कि दिल्ली में अधिकांश महिलाएं जो घरों में रहती हैं वे ब्लैक कार्बन के संपर्क से प्रभावित हैं। यह प्रभाव उतना ही है जितना कि ऑटो रिक्शा में शहर के चारों ओर घूमने वाले लोगों पर पड़ता है, जो कि सीधे बाहरी वायु प्रदूषण के संपर्क में आते हैं।

विज्ञापन


ब्लैक कार्बन के संपर्क में आने से महिलाओं के स्वास्थ्य के ऊपर बुरा असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि शहर राज्य के कुल उत्सर्जन में करीब 20 प्रतिशत से कम का योगदान देते हैं। वहीं घरेलू उत्सर्जन प्रमुखता से 20 से 40 प्रतिशत के बीच होता है। अपनी बात करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को अपना दायरा बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इन समस्याओं का भी हल निकाला जा सके। 

विज्ञापन

स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है वायु प्रदूषण

डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए काफी बड़ा खतरा है। PM2.5 और PM10 के अलावा ब्लैक कार्बन, मिथेन, ओजोन और हाइड्रोकार्बन के अंदर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने और वातावरण को CO2 के मुकाबले ज्यादा तेजी से गर्म की क्षमता है।

ब्लैक कार्बन की वजह से हो रही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी

ब्लैक कार्बन के संपर्क में रहने की वजह से लोगों को श्वसन संबंधी बीमारी, फेफड़ों का कैंसर, इम्फीसेमा, अस्थमा, हृदय रोग आदि कई गंभीर बीमारियां हो रही हैं। वैश्विक स्तर पर PM2.5 औसतन लोगों की जीवन प्रत्याशा को लगभग 2.3 साल कम कर रहा है। 

विज्ञापन

वायु प्रदूषण की वजह से हो रहा बड़ा आर्थिक नुकसान

अपनी बात करते हुए डॉ सौम्या ने बताया कि वायु प्रदूषण का जो प्रभाव हमें देखने को मिल रहा है वह केवल स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसके कई बड़े आर्थिक नुकसान भी हो रहे हैं। हाल ही में विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित किए गए एक अध्ययन में इस बारे में बताया गया कि 2019 में वायु प्रदूषण की वजह से लगभग 8.1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह राशि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 6.1% है।

क्लीन कुकिंग फ्यूल की ओर रुख करने में सबसे बड़ी बाधा है आर्थिक कमजोरी

इसके अलावा प्रोफेसर कल्पना बालाकृष्णन (Director, WHO Collaborating Center for Occupational and Environmental Health) ने कहा - "मुझे लगता है कि देश में कई घरों में क्लीन कुकिंग फ्यूल की तरफ रुख करने में आने वाली सबसे बड़ी बाधा आर्थिक दिक्कतें हैं।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज भी देश में गरीबी की वजह से कई लोग अपने घरों में लकड़ी, उपले आदि का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए करते हैं। इससे ब्लैक कार्बन का उत्सर्जन काफी ज्यादा होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed