CSTEP ICAS 2024: प्रदूषण नियंत्रण में उद्योगों को भी बनाया जाना चाहिए भागीदार, गौरव गोगोई ने कही ये बड़ी बातें
इंडस्ट्रीज से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कैसे कम किया जा सकता है? इसको लेकर जो चर्चाएं हो रही हैं उनमें उद्योग जगत को भी शामिल किए जाने की जरूरत है।
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Indian Clean Air Summit 2024: सेंटर फॉर स्टडी ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी (CSTEP) द्वारा बेंगलुरु में आयोजित इंडियन क्लीन एयर समिट 2024 के उद्घाटन सत्र में लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई ने उद्योग जगत से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने के संदर्भ में हमें उद्योगों को विलेन के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
इस बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा "इंडस्ट्रीज से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कैसे कम किया जा सकता है? इसको लेकर जो चर्चाएं हो रही हैं उनमें उद्योग जगत को भी शामिल किए जाने की जरूरत है।" कार्यक्रम में गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के विषय में दोबारा से समीक्षा करने की जरूरत है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को साल 2019 में शुरू किया गया था। गौरव गोगोई के मुताबिक इस कार्यक्रम की सफलता सीमित रही है और इसे फिर से डिजाइन करने या सुधारने की जरूरत है या फिर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम 2.0 शुरु किया जा सकता है।
गौरव गोगोई ने इस दौरान यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए केवल शहरों तक सीमित नहीं रहना है बल्कि देशभर में जहां-जहां प्रदूषण हो रहे हैं उन सभी जगहों पर ध्यान देने की जरूरत है।
ट्रांसपोर्ट और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र पर ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि यहां से काफी ज्यादा प्रदूषण होता है। हमें उन देशों से सीखने की जरूरत है जो अपने यहां प्रदूषण नियंत्रण पर काफी अच्छा काम कर रहे हैं। इसके अलावा वायु प्रदूषण को रोकने में मीडिया की क्या भूमिका हो सकती है इस पर भी उन्होंने कई जरूरी बातें की।
CSTEP द्वारा आयोजित इंडियन क्लीन एयर समिट 2024 कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ जय असुंदी (Dr. Jai Asundi) ने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।
इस समस्या को अकेले नहीं सुलझाया जा सकता है। सामूहिक भागीदारी के साथ ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान और तकनीक की मदद सरकार को एक बेहतर पॉलिसी तैयार करने में सहायता करती है। इससे सतत विकास करने में मदद मिलती है। इस समारोह में गौरव गगोई को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था।