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मुकदमा पार्ट 2: अंडरवियर पहनने पर हुआ चर्मरोग, निर्माता कंपनी को देना पड़ा हर्जाना
Wed, 13 Jul 2022 01:46 PM IST
संकल्प सिंह
कुमार अतुल
कुमार अतुल
Published by: संकल्प सिंह
Updated Wed, 13 Jul 2022 01:46 PM IST
सार
आप बाजार से कपड़े खरीदते हैं। उन्हें पहनते हैं। अगर उन्हें पहनने पर कोई बीमारी हो जाए तो क्या करेंगे। भारत में तो शायद ही कोई मुकदमा करे। लेकिन आस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं हुआ।
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Consumer Protection Law
- फोटो : Istock
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विस्तार
आप बाजार से कपड़े खरीदते हैं। उन्हें पहनते हैं। अगर उन्हें पहनने पर कोई बीमारी हो जाए तो क्या करेंगे। भारत में तो शायद ही कोई मुकदमा करे। लेकिन आस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं हुआ। बात 1931 की है। डॉ ग्रांट नाम के एक शख्स ने जॉन मार्टिन एंड सन्स की दुकान से गोल्डन फ्लीस ब्रांड के दो ऊनी अंडरवियर खरीदे।
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दुकानदार ने इन्हें पहनने के लिए किसी प्रकार की कोई हिदायत नहीं दी थी कि इसको पहनने से पहले धुलना है। यह वह दौर था जब लोग हफ्ते में एक दिन अंडर वियर बदला करते थे। डॉ ग्रांट ने एक अंडरवियर बिना धुले पहन लिया। इससे उन्हें खुजली की बीमारी हो गई। दूसरा अंडर वियर पहनने के साथ ही ग्रांट की परेशानी और बढ़ गई और त्वचा में खाज हो गई। बताया गया कि अंडरवियर की रंगाई में सल्फर डाई ऑक्साइड की ज्यादा मात्रा का उपयोग किया गया था।
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डॉ ग्रांट ने दुकानदार जॉन मार्टिन एंड सन्स के साथ ही निर्माता कंपनी ऑस्ट्रेलियाई नीटिंग कंपनी पर मुकदमा ठोक दिया। ऑस्ट्रेलिया के हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर ग्रांट के हक में फैसला दिया। न्यायाधीशों का कहना था कि निर्माता कंपनी को अपने उत्पाद को सुरक्षित बनाने के साथ ही इस बात का विशेष दायित्व था कि उसे पहनने वाले को भी किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। निर्माता कंपनी युक्तियुक्त तरीके से अपनी जिम्मेदारी के निर्वाह में विफल रही है। लिहाजा डॉ ग्रांट मुआवजे के हकदार हैं।
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पहले इंग्लैंड के अधीन रहे देशों के सर्वोच्च अदालतों की अंतिम अपील ब्रिटेन स्थित प्रीवी काउंसिल में हुआ करती थी। इनमें भारत भी शामिल था। इस फैसले की अपील प्रीवी काउंसिल में की गई। प्रीवी काउंसिल ने ऑस्ट्रेलिया के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा जिसमें निर्माता कंपनी ऑस्ट्रेलियन नीटिंग कंपनी और दुकानदार जॉन मार्टिन एंड सन्स को डॉ ग्रांट को हुए नुकसान का जिम्मेदार बताया गया था। दोनों को हर्जाना देना पड़े। यह फैसला भारत में आज भी नजीर बना हुआ है।
अगर आप किसी कंपनी से इस तरह की खरीदारी करते हैं और आपको कोई नुकसान होता है तो आप भी दुकानदार और कंपनी के खिलाफ मुकदमा करके हर्जाना पा सकते हैं। अगली कड़ी में एक और रोचक मुकदमे की कहानी के साथ हाजिर होंगे.. तब तक के लिए बॉय..बॉय