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शहीद की अंतिम विदाई में उमड़ा जन सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 26 Jun 2017 07:28 PM IST
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शहीद की अंतिम विदाई के दौरान लोगों ने साहब शुक्ला अमर रहे के नारे लगाए।
- फोटो : Amar Ujala
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श्रीनगर के पंथा चौक पर आतंकियों से लोहा लेने के दौरान शहीद हुए गोरखपुर के लाल साहब शुक्ल की अंतिम विदाई में जन सैलाब उमड़ उठा। पुलिस-प्रशासन के काफिले के बीच तिरंगे में लिपटा शहीद का शव, फूलों से सजे सीआरपीएफ पर ट्रक से जिधर से गुजरा लोग कतार में खड़े होकर निहारते रहे। गांव से चार किलोमीटर पहले कसिहार मोड़ पर लोगों का हुजूम शहीद की अगवानी में खड़ा था। यहां से देशभक्ति नारों की गूंज और साहब शुक्ला अमर रहे के उद्घोष के साथ जन सैलाब शहीद के पार्थिव शरीर के साथ उनके गांव पहुंचा। घर से थोड़ी दूर मझगांव घाट पर शहीद को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जिले के प्रभारी मंत्री और सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की मौजूदगी में शहीद का पार्थिव शरीर मझगांव के लिए रवाना हुआ। यह सूचना जब मझगांव पहुंची तो लोग चार किलोमीटर दूर कसिहार मोड़ पर शहीद के शव की अगुवानी के लिए निकल पड़े। इस बीच आसपास के गांवों के लोग वहां पहले ही जमा हो चुके थे। शहीद के शव के इंतजार के दौरान लोगों ने मां भारती के शेर बेटे के सम्मान में जोरदार नारेबाजी की। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे। जब शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर आ रहा फूलों से सजा ट्रक नजर आया तो लोग दौड़ पड़े और पुष्पवर्षा शुरू हो गई। लोग शहीद के शव के करीब जाने के लिए उतावले हो गए। यहीं बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान ने पुष्पचक्र अर्पित करके शहीद को नमन किया।
यहां से भव्य जुलूस के साथ शहीद का शव गांव लाया गया। लोग सड़कों के किनारे और छतों पर खड़े होकर शहीद को नमन करते रहे। घर से करीब 100 मीटर दूर बंधे पर ट्रक रोका गया। सीआरपीएफ जवान कंधे पर कौफीन लिए दरवाजे पर पहुंचे तो नजारा भावुक करने वाला हो गया। मंत्री धर्मपाल सिंह ने शहीद की पत्नी शुभा शुक्ला को प्रदेश सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक दिया। अंत्येष्टि की कुछ रस्मों के बाद चारों बेटे कंधे पर शहीद पिता का शरीर लेकर घाट के लिए निकले। जगह-जगह गांववालों ने फूल बरसाकर शहीद को नमन किया। घाट पर जवानों ने शस्त्र सलामी दी। मंत्री धर्मपाल सिंह समेत अन्य गण्यमान्यों ने भी शहीद को नमन किया। बड़े बेटे सौरभ शुक्ल ने उन्हें मुखाग्नि दी तो एक बार फिर साहब शुक्ल अमर रहे और वंदे मातरम का जयघोष गूंज उठा। इस मौके पर सीआरपीएफ के आईजी केएस भंडारी, सीआरपीएफ डीआईजी इलाहाबाद एससी पाराशर, डिप्टी कमांडेट सीआरपीएफ प्रदीप पाठक, एनआईए के डीआईजी एडमिन नरेंद्र नाथ धर द्विवेदी, डीएम राजीव रौतेला, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।
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सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जिले के प्रभारी मंत्री और सूबे के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की मौजूदगी में शहीद का पार्थिव शरीर मझगांव के लिए रवाना हुआ। यह सूचना जब मझगांव पहुंची तो लोग चार किलोमीटर दूर कसिहार मोड़ पर शहीद के शव की अगुवानी के लिए निकल पड़े। इस बीच आसपास के गांवों के लोग वहां पहले ही जमा हो चुके थे। शहीद के शव के इंतजार के दौरान लोगों ने मां भारती के शेर बेटे के सम्मान में जोरदार नारेबाजी की। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे। जब शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर आ रहा फूलों से सजा ट्रक नजर आया तो लोग दौड़ पड़े और पुष्पवर्षा शुरू हो गई। लोग शहीद के शव के करीब जाने के लिए उतावले हो गए। यहीं बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान ने पुष्पचक्र अर्पित करके शहीद को नमन किया।
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यहां से भव्य जुलूस के साथ शहीद का शव गांव लाया गया। लोग सड़कों के किनारे और छतों पर खड़े होकर शहीद को नमन करते रहे। घर से करीब 100 मीटर दूर बंधे पर ट्रक रोका गया। सीआरपीएफ जवान कंधे पर कौफीन लिए दरवाजे पर पहुंचे तो नजारा भावुक करने वाला हो गया। मंत्री धर्मपाल सिंह ने शहीद की पत्नी शुभा शुक्ला को प्रदेश सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक दिया। अंत्येष्टि की कुछ रस्मों के बाद चारों बेटे कंधे पर शहीद पिता का शरीर लेकर घाट के लिए निकले। जगह-जगह गांववालों ने फूल बरसाकर शहीद को नमन किया। घाट पर जवानों ने शस्त्र सलामी दी। मंत्री धर्मपाल सिंह समेत अन्य गण्यमान्यों ने भी शहीद को नमन किया। बड़े बेटे सौरभ शुक्ल ने उन्हें मुखाग्नि दी तो एक बार फिर साहब शुक्ल अमर रहे और वंदे मातरम का जयघोष गूंज उठा। इस मौके पर सीआरपीएफ के आईजी केएस भंडारी, सीआरपीएफ डीआईजी इलाहाबाद एससी पाराशर, डिप्टी कमांडेट सीआरपीएफ प्रदीप पाठक, एनआईए के डीआईजी एडमिन नरेंद्र नाथ धर द्विवेदी, डीएम राजीव रौतेला, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।
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