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कुश्ती विवाद: विनेश फोगाट को डब्ल्यूएफआई का कारण बताओ नोटिस, पहलवान बोलीं- कोई ताकत मेरा सिर नहीं झुका सकती
Sat, 09 May 2026 10:50 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sat, 09 May 2026 10:50 PM IST
सार
विनेश फोगाट को डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग और अनुशासनहीनता के आरोपों में कारण बताओ नोटिस जारी कर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर कहा कि कोई भी ताकत उनका सिर नहीं झुका सकती।
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विनेश फोगाट, ओलंपियन पहलवान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार को संकेत दिए कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के खिलाफ कानूनी और खेल स्तर पर लड़ाई लड़ेंगी। डब्ल्यूएफआई ने उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्हें 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
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वापसी पर लगा ब्रेक
डब्ल्यूएफआई के अनुसार, विनेश ने रिटायरमेंट के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए लागू यूडब्ल्यूडब्ल्यू एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं की है। इसी कारण उनकी वापसी फिलहाल रोक दी गई है। विनेश गोंडा में रविवार से शुरू हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी करना चाहती थीं। गौरतलब है कि उन्होंने 2024 ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 2024 में कुश्ती से संन्यास ले लिया था।
डब्ल्यूएफआई के अनुसार, विनेश ने रिटायरमेंट के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए लागू यूडब्ल्यूडब्ल्यू एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं की है। इसी कारण उनकी वापसी फिलहाल रोक दी गई है। विनेश गोंडा में रविवार से शुरू हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी करना चाहती थीं। गौरतलब है कि उन्होंने 2024 ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 2024 में कुश्ती से संन्यास ले लिया था।
सोशल मीडिया पर दिया जवाब
विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि, 'जिदगी किसी गहरे भंवर में फंसी हुई है। दुनिया मेरे चरित्र में खामियां ढूंढ रही है। लेकिन जिंदगी ने हमेशा सिर ऊंचा रखना सिखाया है। कोई तलवार इसे झुका नहीं सकती।'
विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि, 'जिदगी किसी गहरे भंवर में फंसी हुई है। दुनिया मेरे चरित्र में खामियां ढूंढ रही है। लेकिन जिंदगी ने हमेशा सिर ऊंचा रखना सिखाया है। कोई तलवार इसे झुका नहीं सकती।'
डब्ल्यूएफआई ने लगाए गंभीर आरोप
डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी 15 पन्नों के नोटिस में कहा गया है कि पेरिस में विनेश के व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा। महासंघ ने आरोप लगाया कि उनका आचरण डब्ल्यूएफआई संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और एंटी-डोपिंग प्रावधानों के खिलाफ है।
डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी 15 पन्नों के नोटिस में कहा गया है कि पेरिस में विनेश के व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा। महासंघ ने आरोप लगाया कि उनका आचरण डब्ल्यूएफआई संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और एंटी-डोपिंग प्रावधानों के खिलाफ है।
विवाद लगातार बढ़ा
पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विनेश ने आरोप लगाया था कि डब्ल्यूएफआई ने उन्हें गोंडा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोका। उन्होंने यह भी कहा कि वह पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत करने वाली छह महिला पहलवानों में शामिल थीं।
पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विनेश ने आरोप लगाया था कि डब्ल्यूएफआई ने उन्हें गोंडा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोका। उन्होंने यह भी कहा कि वह पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत करने वाली छह महिला पहलवानों में शामिल थीं।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने क्या कहा?
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि वाडा नियमों का पालन अनिवार्य है और अपनी पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी विनेश पर ही है। उन्होंने कहा, 'हमें देखना होगा कि वाडा के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। अभी यह साबित नहीं हुआ है कि उन्होंने रिटायरमेंट से वापसी की सभी शर्तें पूरी की हैं। प्रतियोगिता में लौटने से पहले उन्हें छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होगी।'
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि वाडा नियमों का पालन अनिवार्य है और अपनी पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी विनेश पर ही है। उन्होंने कहा, 'हमें देखना होगा कि वाडा के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। अभी यह साबित नहीं हुआ है कि उन्होंने रिटायरमेंट से वापसी की सभी शर्तें पूरी की हैं। प्रतियोगिता में लौटने से पहले उन्हें छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होगी।'