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Chess Olympiad: मशाल रिले में शामिल हुए केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू, कहा- हर दो साल में भारत से होगी इसकी शुरुआत
Mon, 20 Jun 2022 02:06 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 20 Jun 2022 02:06 PM IST
सार
भारत पहली बार चेस ओलंपियाड की मेजबानी कर रहा है। इस वजह से इस बार भारत के 20 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगे। इसी साल से चेस ओलंपियाड की मशाल की शुरुआत हो रही है।
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मशाल रिले के दौरान किरण रिजिजू
- फोटो : ANI
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विस्तार
केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि 44वें चेस ओलंपियाड की मेजबानी करना भारत के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चेस ओलंपियाड की मशाल हर दो साल में भारत से शुरू होगी। 44वें चेस ओलंपियाड की मशाल रिले में किरण रिजिजू और अंतरराष्ट्रीय चेस फेडेरेशन के अध्यक्ष आर्केडी ड्वारकोविच भी शामिल हुए। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद भी इसका हिस्सा बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंद्रा गांधी स्टेडियम से मशाल रिले की शुरुआत की।
मशाल रिले में शामिल होन के बाद रिजिजू ने कहा "44वें चेस ओलंपियाड की मेजबानी का अनुभव भारत को हमेशा याद रहेगा। पहली बार भारत में इतने बड़े इवेंट का आयोजन हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि मशाल जो किसी ओलंपिक इवेंट का प्रतीक है, वो हर दूसरे साल भारत से शुरू होगी।"
उन्होंने आगे कहा कि मशाल को प्रज्जवलित करना एक ऐसी चीज है, जो उस देश के साथ भावनात्मक रूप से गहरा रिश्ता रखती है, जहां इसकी शुरुआत हो रही है। यह मशाल हर दूसरे साल भारत में प्रज्जवलित होगी। यह सभी के लिए पवित्र समय है और जो परंपरा अभी शुरू हुई है उसे जारी रखा जाना चाहिए।
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मशाल रिले में शामिल होन के बाद रिजिजू ने कहा "44वें चेस ओलंपियाड की मेजबानी का अनुभव भारत को हमेशा याद रहेगा। पहली बार भारत में इतने बड़े इवेंट का आयोजन हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि मशाल जो किसी ओलंपिक इवेंट का प्रतीक है, वो हर दूसरे साल भारत से शुरू होगी।"
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उन्होंने आगे कहा कि मशाल को प्रज्जवलित करना एक ऐसी चीज है, जो उस देश के साथ भावनात्मक रूप से गहरा रिश्ता रखती है, जहां इसकी शुरुआत हो रही है। यह मशाल हर दूसरे साल भारत में प्रज्जवलित होगी। यह सभी के लिए पवित्र समय है और जो परंपरा अभी शुरू हुई है उसे जारी रखा जाना चाहिए।
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सबसे बड़े दल के साथ उतरेगा भारत
चेस ओलंपियाड में इस साल भारत अब तक के अपने सबसे बड़े दल के साथ उतरेगा। 40 दिन की मशाल रिले में भारतीय चेस इतिहास के कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय चेस फेडेरेशन के मुख्यालय जाने से पहले यह मशाल रिले भारत के महाबलीपुरम शहर में खत्म होगी। इसके साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें युवा चेस खिलाड़ी भी भाग लेंगे।
चेस ओलंपियाड में एक स्वर्ण जीत चुका है भारत
भारत पहली बार 1956 में चेस ओलंपियाड में शामिल हुआ था। मास्को में हुए इस इवेंट में भारत 27वें स्थान पर रहा था। इसके बाद 2020 में रूस के साथ संयुक्त रूप से स्वर्ण पदक जीता और 2021, 2014 में दो कांस्य पदक अपने नाम किए। 2018 के बाद 2020 और 2022 का चेस ओलंपियाड वर्चुअली हुथा था, क्योंकि कोरोना की वजह से सभी खिलाड़ी अपने घरों में कैद थे। 2018 में जॉर्जिया में हुए इवेंट के बाद पहली बार चेस बोर्ड पर ओलंपियाड के सभी मैच खेले जाएंगे।
30 साल बाद एशियाई देश को मिली मेजबानी
30 साल बाद किसी एशियाई देश को चेस ओलंपियाड की मेजबानी मिली है। इससे पहले फिलिपींस ने 1992 में इस प्रतियोगिता की मेजबानी की थी। मेजबान देश होने के नाते भारत इस साल जो टीमें उतारेगा। भारत के कुल 20 खिलाड़ी इवेंट का हिस्सा होंगे। वहीं, 188 देशों से 2000 से ज्यादा खिलाड़ी इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगे। 44वें चेस ओलंपियाड का आयोजन 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच होगा।
चेस ओलंपियाड में इस साल भारत अब तक के अपने सबसे बड़े दल के साथ उतरेगा। 40 दिन की मशाल रिले में भारतीय चेस इतिहास के कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय चेस फेडेरेशन के मुख्यालय जाने से पहले यह मशाल रिले भारत के महाबलीपुरम शहर में खत्म होगी। इसके साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें युवा चेस खिलाड़ी भी भाग लेंगे।
चेस ओलंपियाड में एक स्वर्ण जीत चुका है भारत
भारत पहली बार 1956 में चेस ओलंपियाड में शामिल हुआ था। मास्को में हुए इस इवेंट में भारत 27वें स्थान पर रहा था। इसके बाद 2020 में रूस के साथ संयुक्त रूप से स्वर्ण पदक जीता और 2021, 2014 में दो कांस्य पदक अपने नाम किए। 2018 के बाद 2020 और 2022 का चेस ओलंपियाड वर्चुअली हुथा था, क्योंकि कोरोना की वजह से सभी खिलाड़ी अपने घरों में कैद थे। 2018 में जॉर्जिया में हुए इवेंट के बाद पहली बार चेस बोर्ड पर ओलंपियाड के सभी मैच खेले जाएंगे।
30 साल बाद एशियाई देश को मिली मेजबानी
30 साल बाद किसी एशियाई देश को चेस ओलंपियाड की मेजबानी मिली है। इससे पहले फिलिपींस ने 1992 में इस प्रतियोगिता की मेजबानी की थी। मेजबान देश होने के नाते भारत इस साल जो टीमें उतारेगा। भारत के कुल 20 खिलाड़ी इवेंट का हिस्सा होंगे। वहीं, 188 देशों से 2000 से ज्यादा खिलाड़ी इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनेंगे। 44वें चेस ओलंपियाड का आयोजन 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच होगा।