{"_id":"9930ee16a9b0fbed4b49a492a6cd5be9","slug":"today-is-two-big-match-for-indian-sports","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत के लिए बड़ी चुनौती: 2 खेल, 2 मैच और पाक है सामने","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
भारत के लिए बड़ी चुनौती: 2 खेल, 2 मैच और पाक है सामने
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 14 Dec 2013 12:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय खेल के लिए आज का दिन बड़ा अहम है। भारत अपनी धरती पर दो अलग-अलग मुकाबलों में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की चनौती का सामना करेगा।
विज्ञापन
आज भारत और पाकिस्तान की टीमें उन दो खेलों में आमने-सामने होंगी जो दोनों ही देशों में लोकप्रिय हैं और बड़े चाव से खेला जाता है। हॉकी जगत में कभी दोनों टीमों का जलवा दिखता था लेकिन आज दोनों ही टीमों का प्रदर्शन गिरा है और एफआईएच पुरुष जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट की खिताबी दौड़ से बाहर हो चुके हैं।
विज्ञापन
वहीं वर्ल्ड कप कबड्डी में दोनों टीमें खिताब के लिए एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देंगी। आज का मैच इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि टूर्नामेंट में दोनों ही टीम अजेय रही हैं।
विज्ञापन
वर्ल्ड कप कबड्डी
लुधियाना के गुरु नानक देव स्टेडियम में चौथे वर्ल्ड कप कबड्डी का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच आज शाम खेला जाएगा।
एक तरफ जहां तीन बार की विजेता भारतीय टीम अपनी सरदारी बरकरार रखने के लिए मैदान में उतरेगी, वहीं पाकिस्तान की टीम भी खिताब हासिल करने के लिए भरपूर प्रयास करेगी।
भारत अब तक इस टूर्नामेंट में तीनों ही बार चैंपियन बनी है। पिछले तीनों वर्ल्ड कप 2010, 2011 और 2012 में लुधियाना में ही खेला गया जिसमें मेजबान टीम ने पाकिस्तान को दो बार और एक बार कनाडा को हराया।
पाकिस्तान की टीम दो बार फाइनल तक पहुंची है लेकिन एक बार भी जीत का स्वाद नहीं चख सकी है।
हॉकी में नौंवे से 10वें स्थान के लिए मुकाबला
आज ही भारत और पाकिस्तान के बीच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में नौवें और 10वें स्थान के लिए मुकाबला होगा।
खिताबी रेस से बाहर होने के बाद भारतीय टीम ने नौवें से 16वें स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना को 4-2 से परास्त किया। इस जीत के बाद भारत को नौंवें और 10वें स्थान के लिए पाक से खेलना होगा।
वहीं मलेशिया को पेनाल्टी शूट आउट में हराकर फ्रांस ने एफआईएच पुरुष जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में पहली बार पहुंचकर इतिहास रचा।
1979 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में फ्रांस कभी पूल स्टेज से भी आगे नहीं बढ़ सका था। इससे पहले उसका टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सातवां स्थान था जो उसने टूर्नामेंट के पहले ही साल अपने घरेलू मैदान पर किया था।
खिताब के लिए अब उसकी भिड़ंत जर्मनी से होगी जिसने दूसरे सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स को 5-3 से हराया।