विंबलडन में जूनियर डबल्स जीत सुमित ने रचा इतिहास
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विबंलडन 2015 भारत के लिए बेहद खास रहा। पहले सानिया फिर लिएंडर पेस और अब जूनियर वर्ग में सुमित नागल ने खिताब जीतकर भारत की झोली में खिताबों की हैट्रिक लगा दी। भारत के उदीयमान टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल और वियतनाम के नैम होंग ली की जोड़ी ने वर्ष के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबलडन चैंपियनशिप में बालक वर्ग की डबल्स स्पर्धा का खिताब जीता।
सुमित और ली की आठवीं सीड जोड़ी ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में अमेरिका के रिली ओपेलका और जापान के अकिरा सांतील्लान की जोड़ी को 7-6, 6-4 से पराजित किया। पहला सेट काफी मुश्किल रहा। खिताबी मुकाबले का पहला सेट काफी मुश्किल रहा।
हालांकि एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष करने के बाद टाईब्रेकर में खिंचे इस मुकाबले में बाजी सुमित और ली के हाथ लगी। इंडो-वियतनामी जोड़ी ने यह सेट 7-6 से अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में अपनी लय बरकरार रखते हुए सुमित और ली ने विपक्षी खिलाड़ियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और इस सेट को 6-4 से अपने नाम कर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
1954 में पहली बार जूनियर ग्रैंडस्लैम जीता था भारत
भारत के रामनाथन कृष्णन ने 1954 में विंबलडन चैंपियनशिप में जूनियर एकल वर्ग का खिताब जीता था। वर्ष 1979 में रमेश कृष्णन फ्रेंच ओपन और विंबलडन चैंपियनशिप के जूनियर एकल वर्ग में चैंपियन रहे थे।
इसके अलावा लिएंडर पेस ने 1990 में विंबलडन और 1991 में यूएस ओपन में जूनियर एकल वर्ग का खिताब अपने नाम किया था। सानिया मिर्जा ने वर्ष 2003 में विंबलडन में बालिका वर्ग की डबल्स स्पर्धा का खिताब अपने नाम किया था।