बीते आठ साल में पहली बार 100+ रैंक की खिलाड़ी से हारी सेरेना विलियम्स
दक्षिणी कैरोलिना की रहने वाली रोजर का यह 2016 के बाद पहला WTA सेमीफाइनल भी है। 38 साल की सेरेना को आखिरी बार 2012 फ्रेंच ओपन में 111वीं रैंक की वर्जिनी रज्जेनो से उलटफेर का सामना करना पड़ा था।
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महिला टेनिस में सेरेना विलियम्स का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। 967 टूर लेवल सिंगल मैच खेलने वाली यह अमेरिकी खिलाड़ी सिर्फ चार बार ही 100 या उससे ज्यादा रैंक की विरोधी से हारी हैं। बीते आठ में तो ऐसा मौका कभी नहीं आया, लेकिन अब लगता है कि 23 बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन खिलाड़ी की धार उम्र के साथ कुंद पड़ रही है। नौंवी रैंकिंग की खिलाड़ी सेरेना को 116 रैंक की शेल्बी रोजर्स से शिकस्त झेलनी पड़ी। छह महीने के ब्रेक के बाद 'टॉप सीड ओपन' से वापसी करने वाली विलियम्स को क्वार्टर फाइनल में 1-6, 6-4, 7-6 (5) से हार का मुंह देखना पड़ा।
लेक्सिंगटन के निकट सोमवार से शुरू हुए इस टूर्नामेंट को 31 अगस्त से शुरू हो रहे अमेरिकी ओपन की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। मार्च के बाद अमेरिका में पहला डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट है, जो बिना दर्शकों के खेला जा रहा है। गुरुवार को दूसरे राउंड में बड़ी बहन वीनस विलियम्स को 3-6, 6-3, 6-4 से हराते हुए सेरेना ने अगले दौर में प्रवेश किया था।
टूर्नामेंट में विक्टोरिया अजारेंका, स्लोआने स्टीफंस और उभरती हुई स्टार कोको गॉफ भी खेल रहीं हैं। फरवरी में फेड कप में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के बाद से यह उनका पहला टूर्नामेंट था। सेरेना को खून के थक्के और फेंफड़े संबंधित समस्याएं रही हैं, जिससे उन्हें कोविड-19 को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा।