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लिएंडर पेस का राजा के साथ चला जादू
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2013 08:19 PM IST
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यह नजारा ऐसा था मानों भारत ने डेविस कप में कोरिया पर जीत हासिल कर ली हो। लिएंडर पेस और पूरव राजा के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था। आरके खन्ना स्टेडियम के कोर्ट पर जश्न का पूरा माहोल था। सही मायनों में यह जश्न उन विद्रोही खिलाड़ियों के लिए सीधा संदेश था जिन्होंने इस टाई से अपने को दूर रखा। पेस और राजा की जोड़ी ने कोरियाई यांग क्यून लिम व जी सुंग नाम को सीधे सेटों में 6-4, 7-6, 6-2 से परास्त कर इस टाई में भारतीय उम्मीदों को जीवित रखा है।
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पेस के मुताबिक वह मैच से पहले अच्छी शुरूआत को लेकर चिंतित थे। पांच ड्यूस के बाद के बाद अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए अगले ही गेम में लिम की सर्विस भंग करने के साथ ही उनकी यह चिंता भी दूर हो गई। अपने जीवन का सबसे बड़ा मुकाबला खेल रहे राजा भी दबाव में थे।
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उन्होंने सुबह का नाश्ता भी नहीं किया। लेकिन पेस ने उन्हें लंबी सांसें और शांत रहने को कहा। यह राजा ही थे जिन्होंने पेस के काम को आसान कर दिया। अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा मुकाबला करार देने वाले राजा ने जहां नेट पर शानदार काम किया वहीं सर्विस पर बेहतरीन रिटर्न भी लगाए। 4-1 की बढ़त पर जब राजा अपनी सर्विस गंवा बैठे तो लगा गड़बड़ हो गई।
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लेकिन 5-4 की बढ़त पर दबाव में लिम बिखर गए। 0-40 पर उन्होंने सर्विस खोने के साथ सेट भी 6-4 से गंवा दिया। दूसरे सेट में 2-2 पर राजा की सर्विस एक बार फिर टूट गई। लेकिन अब तक शानदार खेल रहे नाम के एक डबल फाल्ट ने मुकाबला 4-4 की बराबरी पर ला दिया।
लेकिन पेस को भी डबल फाल्ट की कीमत चुकानी पड़ी। उनकी सर्विस टूटते ही कोरियाई मैच में वापस थे। लेकिन सेट के लिए सर्विस करने गए नाम दबाव में बिखर गए। वह सर्विस बरकरार नहीं रख सके। 6-6 की बराबरी पर टाई ब्रेकर में 0-3 से पिछड़ने के बाद राजा और पेस ने जबरदस्त वापसी करते हुए 7-5 से यह टाईब्रेकर अपने नाम करते हुए 7-6 से सेट जीत लिया।
तीसरा सेट पेस का था। उनके खेल के आगे कोरियाई कहीं नहीं ठहरे। 2-2 पर पहले नाम और 5-2 पर लिम की सर्विस तोड़ने के साथ ही पेस और राजा ने यह मुकाबला जीत लिया। रविवार को पहले रिवर्स सिंगल्स में रंजीत यांग जियांग सुक से व विजयंत मलिक चो मिन ह्योक से भिड़ेंगे।
रोहन के साथ भी खेलेंगे पेस
इस जीत से भावुक लिएंडर पेस एक बार फिर विद्रोही खिलाड़ियों को काफी कुछ कह गए। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए खेलना पसंद करते हैं फिर चाहे उनके जोड़ीदार महेश भूपति हों या रोहन बोपन्ना या फिर सोमदेव देववर्मन। उन्हें किसी के साथ भी खेलने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन वह यह फिर कहेंगे कि टीम के चयन का अधिकार खिलाड़ियों का नहीं है।
पेस ने खुलासा किया कि वह पूरव के साथ पिछले दो सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। जब भी वह मुंबई में होते हैं पूरव उनके साथ प्रैक्टिस करते हैं। इसलिए उन्हें मैच में तालमेल में दिक्कत नहीं आई। वहीं अपनी मंगेतर के सामने जीत हासिल करने वाले पूरव ने खुलासा किया कि इस माह होने जा रही उनकी शादी से पहले यह जीत बड़ा तोहफा है लेकिन असली खुशी भारत के टाई जीतने पर होगी।