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सानिया और बोपन्ना की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंची
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Aug 2016 01:50 PM IST
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सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना
- फोटो : getty
पुरुष और महिला युगल मुकाबलों में पहले ही दौर में मिली हार के बाद भारत के लिए मिक्स्ड डबल्स में अच्छी खबर आई है। सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की सैमेंथा स्टासुर और जॉन पीर्यस की जोड़ी को 73 मिनट तक चले मुकाबले में सीधे सेटों में 7-5, 6-4 से मात दी।
क्वार्टर फाइनल में इस भारतीय जोड़ी का मुकाबला ब्रिटेन की एंडी मरे और एच वाटसन की जोड़ी से होगा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले सेट में 5-4 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद बेहद दिलचस्प मुकाबला हुआ और सेट 7-5 पर खत्म हुआ।
मैच के बाद सानिया ने कहा, "वरिष्ठ खिलाड़ी होने की वजह से आप पर दबाव तो होता है लेकिन पदक जीतने का कोई अतिरिक्त दबाव उनपर नहीं है। मैं जब भी कोर्ट पर खेलने उतरती हूं तो अपनी जिम्मेदारी समझती हूं, चाहे वह ग्रैंड स्लैम हो या ओलंपिक। यदि आपको खिताब जीतना है तो सभी पर जीत दर्ज करनी होगी। और आप अच्छे परिणाम की आशा कर सकते हैं।"
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उन्होंने कहा, "लोग ओलंपिक को हर दिन सुबह शाम फॉलो करते हैं, इसलिए एक खिलाड़ी के रुप में हमें हर कदम पर दबाव का सामना करना होता है। हम मैदान के बाहर हो रही गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे सकते। आशा करनी चाहिए कि हम नहीं तो कोई और खिलाड़ी देश के लिए मेडल जरूर जीतेगा।"
सानिया तीसरी बार ओलंपिक में भाग ले रही हैं, लेकिन वह अब तक ओलंपिक पदक नहीं जीत सकी हैं। सानिया कहती हैं कि उनके पास केवल ओलंपिक पदक की कमी है इसके अलावा वह अधिकांश खिताब जीत चुकी हैं, ओलंपिक पदक जीतना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव होगा।
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क्वार्टर फाइनल में इस भारतीय जोड़ी का मुकाबला ब्रिटेन की एंडी मरे और एच वाटसन की जोड़ी से होगा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले सेट में 5-4 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद बेहद दिलचस्प मुकाबला हुआ और सेट 7-5 पर खत्म हुआ।
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मैच के बाद सानिया ने कहा, "वरिष्ठ खिलाड़ी होने की वजह से आप पर दबाव तो होता है लेकिन पदक जीतने का कोई अतिरिक्त दबाव उनपर नहीं है। मैं जब भी कोर्ट पर खेलने उतरती हूं तो अपनी जिम्मेदारी समझती हूं, चाहे वह ग्रैंड स्लैम हो या ओलंपिक। यदि आपको खिताब जीतना है तो सभी पर जीत दर्ज करनी होगी। और आप अच्छे परिणाम की आशा कर सकते हैं।"
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उन्होंने कहा, "लोग ओलंपिक को हर दिन सुबह शाम फॉलो करते हैं, इसलिए एक खिलाड़ी के रुप में हमें हर कदम पर दबाव का सामना करना होता है। हम मैदान के बाहर हो रही गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे सकते। आशा करनी चाहिए कि हम नहीं तो कोई और खिलाड़ी देश के लिए मेडल जरूर जीतेगा।"
सानिया तीसरी बार ओलंपिक में भाग ले रही हैं, लेकिन वह अब तक ओलंपिक पदक नहीं जीत सकी हैं। सानिया कहती हैं कि उनके पास केवल ओलंपिक पदक की कमी है इसके अलावा वह अधिकांश खिताब जीत चुकी हैं, ओलंपिक पदक जीतना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव होगा।