लाल बजरी पर खिताबी टक्कर आजः सेरेना बनाम सफारोवा
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पॉवर टेनिस की मलिका सेरेना विलियम्स अपने बीसवें ग्रैंड स्लैम की दहलीज पर खड़ी हैं। फ्रेंच ओपन टेनिस के महिला सिंगल्स फाइनल में उनके और खिताब के बीच चेक गणराज्य की लूसी सफारोवा हैं जो पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंची हैं।
अगर 19 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सेरेना के अनुभव और रिकॉर्ड को देखा जाए तो पलड़ा यकीनन अमेरिकी खिलाड़ी का भारी नजर आता है लेकिन सेमीफाइनल में स्विस टिमिया के खिलाफ गर्मी और फिटनेस से परेशान नजर आ रही सेरेना का प्रदर्शन इस बात पर काफी निर्भर करेगा कि फाइनल मुकाबले के लिए 33 वर्षीया विलियम्स कितना तरोताजा होकर उतरती हैं।
इस बार सेरेना को प्री क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल दोनों मुकाबलों काफी जूझना पड़ा है। प्री क्वार्टर में हमवतन स्टीफेंस के खिलाफ वो पहला सेट गंवा बैठी थी और दूसरे सेट में भी टाईब्रेकर में वापसी की थी।
सेमीफाइनल में टिमिया के खिलाफ बृहस्पतिवार को भी उन्होंने पहला सेट गंवा दिया और वापसी के लिए उन्हें पूरी ताकत झोंकनी पड़ी थी। दो बार 2002 और 2013 में फ्रेंच ओपन जीत चुकी सेरेना रोला गैरा में अपना तीसरा खिताब जीतने के लिए बेताब होगी लेकिन सफारोवा के खिलाफ उन्हें काफी सतर्क रहना होगा।
सफारोवा ने गत चैंपियन मारिया शारापोवा को हराकर पहले ही दर्शा दिया है कि उन्हें विपक्षी खिलाड़ी के रुतबे से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सेमीफाइनल में उन्होंने सर्बिया की पूर्व चैंपियन अना इवानोविच को मात दी।
इवानोविच के खिलाफ पहले सेट में एक समय सफारोवा 2-5 से पिछड़ रही थी लेकिन उसके बाद 13वीं वरीयता की सफारोवा ने जोरदार वापसी की। छह डब्ल्यूटीए सिंगल्स खिताब जीत चुकी सफारोवा के रूप में चेक गणराज्य की कोई खिलाड़ी 34 साल बाद फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची है।
सेरेना और सफारोवा के बीच आपसी मुकाबलों की बात करें तो पिछले आठ मुकाबलों में सेरेना ही जीत दर्ज करने में सफल रही हैं। सफारोवा सिर्फ छह गेम ही जीत पाईं।
नंबर गेम
8 बार हुए आपसी मुकाबलों में अब तक सफारोवा नहीं दे पाई हैं सेरेना को मात।
34 साल बाद चेक गणराज्य की कोई खिलाड़ी फ्रेंच ओपन फाइनल में।
19 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं अब तक अमेरिका की सेरेना विलियम्स।
3 सालों में सेरेना विलियम्स छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं।
2 बार फ्रेंच ओपन खिताब जीते हैं सेरेना ने। 2002 और 2013 में।
23 ग्रैंड स्लैम फाइनल सेरेना ने खेला सिर्फ चार में हारी।
8 बार हुए आपसी मुकाबलों में अब तक सफारोवा नहीं दे पाई हैं सेरेना को मात।
34 साल बाद चेक गणराज्य की कोई खिलाड़ी फ्रेंच ओपन फाइनल में।
19 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं अब तक अमेरिका की सेरेना विलियम्स।
3 सालों में सेरेना विलियम्स छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं।
2 बार फ्रेंच ओपन खिताब जीते हैं सेरेना ने। 2002 और 2013 में।
23 ग्रैंड स्लैम फाइनल सेरेना ने खेला सिर्फ चार में हारी।
मेजबान का सपना टूटा, वावरिंका पहली बार फ्रेंच ओपन फाइनल में
स्विट्जरलैंड के स्टेनिसलास वावरिंका ने शुक्रवार को मेजबान फ्रांस के जो विल्फ्रेड सोंगा और घरेलू दर्शकों की उम्मीदों को तोड़कर पहली बार फ्रेंच ओपन टेनिस के फाइनल में प्रवेश कर लिया। सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को वावरिंका ने 6-3, 6-7, 7-6, 6-4 से जीत हासिल की।
स्थानीय दर्शकों का 32 सालों में पहला फ्रांसिसी चैंपियन देखने का ख्वाब सोंगा की सेमीफाइनल में हार के साथ अधूरा रह गया।
फाइनल में वावरिंका का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त और सर्बिया के नोवाक जोकोविच और ब्रिटेन के एंडी मरे के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। आठ बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच को कैरियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के लिए इसी खिताब की तलाश है।
33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी के बीच तीन घंटे 46 मिनट चले सेमीफाइनल मुकाबले में आठवीं वरीयता के वावरिंका ने बेहतरीन खेल दिखाया। वावरिंका ने मैच में 60 विनर्स लगाए। दर्शकों की हतोत्साहित करने की कोशिश भी स्विस खिलाड़ी को करियर के दूसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने से न रोक सकी।
1983 में फ्रांस के येनिक नोह चैंपियन बने थे और दर्शक यह उम्मीद पाल रहे थे कि सोंगा उनका लंबा इंतजार पूरा करने में सफल हो जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले पिछले फ्रांसिसी हेनरी लेकांते थे जिन्होंने 1988 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
पिछले साल ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाले वावरिंका ने कहा कि यह बड़ा संघर्षपूर्ण मुकाबला था और फैसला किसी के भी पक्ष में हो सकता था। क्वार्टर फाइनल में रोजर फेडरर को हराने वाले वावरिंका ने पहले सेट के चौथे गेम में 0-40 से पिछड़ने के बाद सोंगा की सर्विस ब्रेक की। सोंगा ने शुक्रवार को कई मौके गंवाए।
पहला सेट गंवाने के बाद वह दूसरे सेट में 3-4 से पिछड़ रहे थे लेकिन सोंगा ने चेंजओवर के दौरान आंखें बंदकर शायद थोड़ा ध्यान लगाने की कोशिश की और फिर ब्रेक प्वाइंट के साथ स्कोर 4-4 कर लिया।
टाईब्रेकर में उन्होंने जीत हासिल कर दर्शकों को एकबारगी खुश कर दिया मगर तीसरे सेट में वावरिंका ने टाईब्रेकर में जीत हासिल की और चौथे सेट में दबदबा बनाकर मैच जीत लिया।