Australian Open 2020: फेडरर को जीत के लिए तरसा देने वाले टेनिस सैंडग्रेन की कहानी है दिलचस्प
साल के पहले ग्रैंडस्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में दिग्गज रोजर फेडरर को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा। मंगलवार को टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में दुनिया के तीसरे नंबर के दिग्गज खिलाड़ी और छह बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन फेडरर हारते-हारते बचे। मेलबर्न के रोड लेवर एरेना में खेले गए पुरुषों के पहले क्वार्टरफाइनल में फेडरर को 100वें रैंक के अमेरिकी खिलाड़ी टेनिस सैंडग्रेन से जीत हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
करियर का अपना दूसरा क्वार्टरफाइनल मैच खेल रहे टेनिस ने 20 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन फेडरर को एक-एक अंक के लिए तरसाया। उन्होंने पहला सेट हारने के बाद लगातार दो सेट अपने नाम किए। उनके पास चौथा सेट जीतकर मैच अपने नाम करने का पूरा मौका था लेकिन अनुभवी फेडरर ने दमदार वापसी करते हुए सात गेम पॉइंट अपने नाम किए और लगभग हारे हुए सेट में जीत हासिल की। इसके बाद आखिरी और निर्णायक सेट में एक बार फिर से फेडरर ने अपने संयम और अनुभव का परिचय देते हुए मैच को अपने कब्जे में कर लिया और सेमीफाइनल में पहुंच गए।
What a tournament this man had.
Not the way he wanted it to end, but a fantastic run & brilliant effort from @TennysSandgren 👏 #AusOpen pic.twitter.com/T72t0D2n6qविज्ञापन विज्ञापन— ATP Tour (@atptour) January 28, 2020
हालांकि हार के बावजूद सैंडग्रेन ने मैच में अपनी छाप छोड़ दी और इस मैच को अपनी जिंदगी के खास मैचों में शुमार कर लिया। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं उस टेनिस की जिंदगी पर जिसने फेडरर को एक-एक अंक के लिए तरसा दिया और सबकी जुबान पर छा गए।
माँ और भाई के साथ खेलते थे टेनिस
28 वर्षीय सैंडग्रेन का नाम उनके परदादा के नाम पर रखा गया था। सैंग नाम से पुकारे जाने वाले टेनिस ने अपने परिवार के साथ पांच साल की उम्र में ही टेनिस रैकेट के साथ खेलना शुरू कर दिया था। पिता की मौत के बाद वे टेनेसी विश्वविद्यालय में अपनी माँ और भाई के साथ खेलते थे।
शरीर से हैं बेहद ताकतवर
सैंडग्रेन की शारीरिक बनावट उन्हें एक अलग ताकत देती है, छह फूट दो इंच लंबे और 88 किलो वजनी ताकतवर खिलाड़ी हैं। आंद्रे अगासी और गुस्तावो कुएर्तेन को अपना आदर्श मानने वाले सैंडग्रेन को हार्ड कोर्ट पर खेलना पसंद है।
चोट की वजह से छह महीने तक थे टेनिस से दूर
गाने सुनने और वीडियो गेम खेलने के शौकीन टेनिस के मुताबिक अगर वे टेनिस खिलाड़ी नहीं होते तो एक असफल प्रो-गेमर होते। साल 2014 में कुल्हे की सर्जरी के बाद वे छह महीने से अधिक समय तक कोर्ट से दूर रहे थे और उनकी रैंकिंग भी 714 हो गई थी।