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सुशील कुमार के कोच कैंप से बाहर
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
Updated Thu, 22 Nov 2012 11:48 PM IST
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ओलंपिक रजत पदक विजेता सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के कैरियर में अहम भूमिका निभाने वाले कोच यशवीर सिंह राजनीति का शिकार हो गए हैं। शुक्रवार से सोनीपत में शुरू हो रहे नेशनल कैंप में उन्हें शामिल नहीं किया गया है।
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यशवीर को न सिर्फ फीला ने दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कोच घोषित किया है बल्कि लंदन ओलंपिक के बाद उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड भी दिया गया। बावजूद इसके उन्हें राष्ट्रीय पहलवानों को कोचिंग देने लायक नहीं समझा गया। दरअसल सुशील और योगेश्वर का कोच कहे जाने की कीमत उन्हें कैंप से बाहर होकर ही नहीं बल्कि छत्रसाल स्टेडियम से तबादले के रूप में चुकानी पड़ी है।
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यशवीर को इस साल द्रोणाचार्य अवार्ड मिलने के बाद छत्रसाल स्टेडियम के इंचार्ज पहलवान सतपाल ने इस सेंटर से हटाकर बवाना भेज दिया। लेकिन माना जा रहा था कि राष्ट्रीय हित में उनकी कैंप में सेवाएं जारी रखी जाएंगी। भारतीय कुश्ती संघ के महासचिव राज सिंह की मानें तो यशवीर को कैंप में शामिल किए जाने के लिए सतपाल से बात की गई थी। लेकिन उन्होंने यशवीर को कैंप के लिए छोड़ने से इंकार कर दिया। जिसके चलते इस कोच को कैंप में शामिल नहीं किया गया है।
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दरअसल यशवीर लंदन ओलंपिक के दौरान ही निशाने पर आ गए थे। सुशील और योगेश्वर की सफलता का श्रेय उनके हिस्से में नहीं जाए इसके लिए इन दोनों ही पहलवानों की बाउट के दौरान उन्हें मैट पर नहीं भेजा गया। लेकिन यशवीर को जब लंदन से लौटने के बाद द्रोणाचार्य अवार्ड दिया गया तो उन्हें इसके तुरंत बाद ही उन्हें छत्रसाल स्टेडियम से हटा दिया गया। कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद तत्कालीन खेल मंत्री एमएस गिल की ओर से फोटो सेशन के दौरान सुशील के कोच के रूप में सतपाल को पीछे कर यशवीर को आगे करने के बाद आई खटास भी उनके कैंप से निष्कासन के रूप में सामने आई है।