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Sports Update: तन्वी-वेन्नाला बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियन के अंतिम-आठ में; वैष्णवी ने टेनिस में रचा इतिहास
Fri, 25 Jul 2025 11:32 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:32 AM IST
सार
वैष्णवी अडकर विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बनीं। उन्होंने गुरुवार को बर्लिन में एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
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खेल जगत की रोचक खबर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
तन्वी शर्मा और वेन्नाला कलागोटला ने इंडोनेशिया के सोलो में बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि भार्गव राम और विश्व तेज की जोड़ी अंतिम चार में पहुंच गईं। दूसरी वरीयता प्राप्त तन्वी शर्मा ने राउंड ऑफ 32 में चीन की शि सी चेन को 21-19, 21-14 से हराया और इसके बाद थाईलैंड की फन्नाचेट पासा-ओर्न को 21-14, 21-15 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई।
लगातार दूसरे दिन वेन्नाला ने लगातार दो दौर के मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पुरुष युगल में राम और तेज ने जापान के हारु मसुदा और शोगो मियाशिता को 21-15, 21-15 से हराया। पुरुष एकल में रौनक चौहान ने थाईलैंड के उत्चन रुएसप को 25-23, 21-18 से हराया जबकि अंश नेगी ने वियतनाम के ले मिन्ह सोन को 21-14, 21-16 से शिकस्त दी। दोनों भारतीय खिलाड़ी अंतिम 16 में पहुंच गए।
महिला युगल में वेन्नाला कलागोटला और रेशिका यू की भारतीय जोड़ी ने हांगकांग की एयू यंग विंग ची और यी किउ यू को 21-7, 21-16 से हराकर अंतिम 16 में जगह पक्की की। अन्य खिलाड़ियों में प्रणव राम नागलिंगम का अभियान अंतिम 16 में समाप्त हो गया जबकि हिमार लालथाजुआला, तन्वी रेड्डी एंडलुरी तथा विष्णु केधर कोडे और कीर्ति मंचला की मिश्रित युगल जोड़ी अंतिम 32 में अपने-अपने मैच हार गए।
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लगातार दूसरे दिन वेन्नाला ने लगातार दो दौर के मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पुरुष युगल में राम और तेज ने जापान के हारु मसुदा और शोगो मियाशिता को 21-15, 21-15 से हराया। पुरुष एकल में रौनक चौहान ने थाईलैंड के उत्चन रुएसप को 25-23, 21-18 से हराया जबकि अंश नेगी ने वियतनाम के ले मिन्ह सोन को 21-14, 21-16 से शिकस्त दी। दोनों भारतीय खिलाड़ी अंतिम 16 में पहुंच गए।
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महिला युगल में वेन्नाला कलागोटला और रेशिका यू की भारतीय जोड़ी ने हांगकांग की एयू यंग विंग ची और यी किउ यू को 21-7, 21-16 से हराकर अंतिम 16 में जगह पक्की की। अन्य खिलाड़ियों में प्रणव राम नागलिंगम का अभियान अंतिम 16 में समाप्त हो गया जबकि हिमार लालथाजुआला, तन्वी रेड्डी एंडलुरी तथा विष्णु केधर कोडे और कीर्ति मंचला की मिश्रित युगल जोड़ी अंतिम 32 में अपने-अपने मैच हार गए।
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वैष्णवी विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बनीं
वैष्णवी अडकर विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बनीं। उन्होंने गुरुवार को बर्लिन में एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, जबकि तीरंदाजों ने दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए कंपाउंड पुरुष और मिश्रित टीम स्पर्धा के स्वर्ण पदक दौर में प्रवेश किया। कई ट्रैक एवं फील्ड एथलीट भी फाइनल में पहुंच गए।
वैष्णवी को सेमीफाइनल में स्लोवाकिया की एस्टर मेरी के खिलाफ 6-2, 4-6, 4-6 से हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विश्व विश्वविद्यालय खेलों के मौजूदा सत्र में यह देश का अब तक का दूसरा पदक है। टेनिस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। 20 वर्षीय वैष्णवी विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय टेनिस खिलाड़ी बनीं। इससे पहले 1979 में मेक्सिको सिटी में हुए विश्व विश्वविद्यालय खेलों में नंदल बल ने पुरुष एकल में रजत पदक जीता था।
तीरंदाजी में भारत के कम से कम दो पदक पक्के हैं। कंपाउंड तीरंदाज कुशल दलाल दो फाइनल में पहुंचे। उन्होंने पुरुष टीम स्पर्धा और मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। दलाल और परनीत कौर की कंपाउंड मिश्रित टीम ने अपने चीनी ताइपे के प्रतिद्वंद्वियों को 158-151 से हराकर कोरिया के खिलाफ स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह पक्की की। बाद में दलाल, साहिल जाधव और ऋतिक शर्मा की कंपाउंड पुरुष टीम ने कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में अपने चीनी ताइपे प्रतिद्वंद्वियों को 235-233 से हराया।
परनीत कौर, अवनीत कौर और मधुरा धमनगांवकर की महिला कंपाउंड टीम सेमीफाइनल में अमेरिका से 230-233 से हार गई। वे शुक्रवार को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में खेलेंगी। ट्रैक एवं फील्ड में मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने फाइनल में प्रवेश किया। साहिल सिलवाल (पुरुष भाला फेंक), किरण (पुरुष 5000 मीटर) और सीमा (महिला 5000 मीटर) ने भी फाइनल में प्रवेश किया। मौमिता मोंडल ने 100 मीटर बाधा दौड़ के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वह कुल मिलाकर 19वें स्थान पर रहीं, लेकिन अगले दौर में जगह बनाने में सफल रहीं।
वैष्णवी अडकर विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी बनीं। उन्होंने गुरुवार को बर्लिन में एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, जबकि तीरंदाजों ने दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए कंपाउंड पुरुष और मिश्रित टीम स्पर्धा के स्वर्ण पदक दौर में प्रवेश किया। कई ट्रैक एवं फील्ड एथलीट भी फाइनल में पहुंच गए।
वैष्णवी को सेमीफाइनल में स्लोवाकिया की एस्टर मेरी के खिलाफ 6-2, 4-6, 4-6 से हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विश्व विश्वविद्यालय खेलों के मौजूदा सत्र में यह देश का अब तक का दूसरा पदक है। टेनिस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। 20 वर्षीय वैष्णवी विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय टेनिस खिलाड़ी बनीं। इससे पहले 1979 में मेक्सिको सिटी में हुए विश्व विश्वविद्यालय खेलों में नंदल बल ने पुरुष एकल में रजत पदक जीता था।
तीरंदाजी में भारत के कम से कम दो पदक पक्के हैं। कंपाउंड तीरंदाज कुशल दलाल दो फाइनल में पहुंचे। उन्होंने पुरुष टीम स्पर्धा और मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। दलाल और परनीत कौर की कंपाउंड मिश्रित टीम ने अपने चीनी ताइपे के प्रतिद्वंद्वियों को 158-151 से हराकर कोरिया के खिलाफ स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह पक्की की। बाद में दलाल, साहिल जाधव और ऋतिक शर्मा की कंपाउंड पुरुष टीम ने कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में अपने चीनी ताइपे प्रतिद्वंद्वियों को 235-233 से हराया।
परनीत कौर, अवनीत कौर और मधुरा धमनगांवकर की महिला कंपाउंड टीम सेमीफाइनल में अमेरिका से 230-233 से हार गई। वे शुक्रवार को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में खेलेंगी। ट्रैक एवं फील्ड में मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने फाइनल में प्रवेश किया। साहिल सिलवाल (पुरुष भाला फेंक), किरण (पुरुष 5000 मीटर) और सीमा (महिला 5000 मीटर) ने भी फाइनल में प्रवेश किया। मौमिता मोंडल ने 100 मीटर बाधा दौड़ के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वह कुल मिलाकर 19वें स्थान पर रहीं, लेकिन अगले दौर में जगह बनाने में सफल रहीं।
बीएफआई की अंतरिम समिति ने विजेंदर की विशेषज्ञता मांगी
भारतीय मुक्केबाजी की अंतरिम समिति के प्रमुख अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह से ‘कुछ ट्रेनिंग शिविरों’ का निरीक्षण करके और सुधार के लिए सुझाव देकर अपनी विशेषज्ञता प्रदान करने का अनुरोध किया है। बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर ओलंपिक में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के एकमात्र पुरुष मुक्केबाज हैं।
सिंह ने पत्रकारों से कहा, 'विजेंदर गतिविधियों में काफी सक्रिय रहते हैं। बेशक वह मुक्केबाजों के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। लेकिन हम उनके कौशल और विशेषज्ञता का उपयोग हमारी कुछ ट्रेनिंग प्रक्रियाओं की देखरेख के लिए भी करना चाहते हैं और चाहते हैं कि वे हमें सुधार के लिए कुछ सुझाव दें।' मुक्केबाज से नेता बने विजेंदर ने पेशेवर सर्किट में भी अपना दबदबा बनाया है लेकिन 2022 के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धा नहीं की है।
सिंह ने कहा कि विजेंदर की भागीदारी पर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे अनुरोध किया है कि वे कुछ ट्रेनिंग शिविरों का निरीक्षण करें और ट्रेनिंग को बेहतर बनाने के सुझाव दें।' अभी धर्मेंद्र यादव सीनियर पुरुष टीम को कोचिंग दे रहे हैं जबकि डी चंद्रलाल एलीट महिला टीम की प्रभारी हैं। सिंह ने दोहराया कि भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के काफी समय से लंबित चुनाव खेल की विश्व शासी संस्था द्वारा निर्धारित 31 अगस्त की समय सीमा से पहले करा लिए जाएंगे।
बीएफआई अध्यक्ष के रूप में लगातार तीसरे कार्यकाल की उम्मीद कर रहे सिंह ने कहा, 'बीएफआई के चुनाव अगस्त में होंगे। हमने मार्च में चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन विभिन्न मुकदमों के कारण इसे रोक दिया गया। विश्व संस्था ने बाद में एक अंतरिम संस्था का गठन किया जिसे चुनाव कराने के लिए कहा गया है। इसलिए चुनाव महीने के अंत में शायद 27 या 28 तारीख को होंगे।' भारत नवंबर में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की मेजबानी करेगा, लेकिन स्थान अभी भी तय किया जा रहा है।
भारतीय मुक्केबाजी की अंतरिम समिति के प्रमुख अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह से ‘कुछ ट्रेनिंग शिविरों’ का निरीक्षण करके और सुधार के लिए सुझाव देकर अपनी विशेषज्ञता प्रदान करने का अनुरोध किया है। बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर ओलंपिक में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के एकमात्र पुरुष मुक्केबाज हैं।
सिंह ने पत्रकारों से कहा, 'विजेंदर गतिविधियों में काफी सक्रिय रहते हैं। बेशक वह मुक्केबाजों के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। लेकिन हम उनके कौशल और विशेषज्ञता का उपयोग हमारी कुछ ट्रेनिंग प्रक्रियाओं की देखरेख के लिए भी करना चाहते हैं और चाहते हैं कि वे हमें सुधार के लिए कुछ सुझाव दें।' मुक्केबाज से नेता बने विजेंदर ने पेशेवर सर्किट में भी अपना दबदबा बनाया है लेकिन 2022 के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धा नहीं की है।
सिंह ने कहा कि विजेंदर की भागीदारी पर बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे अनुरोध किया है कि वे कुछ ट्रेनिंग शिविरों का निरीक्षण करें और ट्रेनिंग को बेहतर बनाने के सुझाव दें।' अभी धर्मेंद्र यादव सीनियर पुरुष टीम को कोचिंग दे रहे हैं जबकि डी चंद्रलाल एलीट महिला टीम की प्रभारी हैं। सिंह ने दोहराया कि भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के काफी समय से लंबित चुनाव खेल की विश्व शासी संस्था द्वारा निर्धारित 31 अगस्त की समय सीमा से पहले करा लिए जाएंगे।
बीएफआई अध्यक्ष के रूप में लगातार तीसरे कार्यकाल की उम्मीद कर रहे सिंह ने कहा, 'बीएफआई के चुनाव अगस्त में होंगे। हमने मार्च में चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन विभिन्न मुकदमों के कारण इसे रोक दिया गया। विश्व संस्था ने बाद में एक अंतरिम संस्था का गठन किया जिसे चुनाव कराने के लिए कहा गया है। इसलिए चुनाव महीने के अंत में शायद 27 या 28 तारीख को होंगे।' भारत नवंबर में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की मेजबानी करेगा, लेकिन स्थान अभी भी तय किया जा रहा है।