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OCA: रणधीर सिंह एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष चुने जाने को तैयार, यह पद ग्रहण करने वाले पहले भारतीय होंगे
Sat, 07 Sep 2024 09:21 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 07 Sep 2024 09:21 PM IST
सार
पूर्व भारतीय निशानेबाज रणधीर को खेल मंत्री मनसुख मांडविया और एशिया के सभी 45 देशों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में आधिकारिक तौर पर ओसीए अध्यक्ष नामित किया जाएगा। पंजाब के पटियाला के 77 वर्षीय रणधीर खिलाड़ियों के परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
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रणधीर सिंह
- फोटो : PTI
विस्तार
अनुभवी खेल प्रशासक रणधीर सिंह रविवार को एशियाई संस्था की 44वीं आम सभा में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के पहले भारतीय अध्यक्ष चुने जाने के लिए तैयार हैं। पूर्व भारतीय निशानेबाज रणधीर को खेल मंत्री मनसुख मांडविया और एशिया के सभी 45 देशों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में आधिकारिक तौर पर ओसीए अध्यक्ष नामित किया जाएगा। पंजाब के पटियाला के 77 वर्षीय रणधीर खिलाड़ियों के परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
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रणधीर के चाचा महाराजा यादविंद्र सिंह ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला और आईओसी के सदस्य थे। उनके पिता भलिंद्र सिंह भी प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर थे और 1947 से 1992 के बीच आईओसी के सदस्य थे। चार एशियाई खेलों में भाग लेने वाले रणधीर ने 1978 में ट्रैप निशानेबाजी में स्वर्ण, 1982 में कांस्य और 1986 में टीम रजत जीता। उन्होंने कनाडा के एडमोंटन में 1978 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी भाग लिया।
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खेल प्रशासन में लंबा अनुभव रहा
रणधीर ने 1987 में खेल प्रशासन में प्रवेश किया, जब उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का महासचिव नियुक्त किया गया और वह इस पद पर 2012 तक रहे। उन्हें 1987 में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के संचालन बोर्ड के सदस्य के रूप में भी नियुक्त किया गया और वह इस पद पर 2010 तक रहे। वह 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आयोजन समिति के उपाध्यक्ष भी थे। रणधीर को 1991 में ओसीए का महासचिव नियुक्त किया गया था और वह 2015 तक इस पद पर रहे। उसके बाद उन्हें आजीवन उपाध्यक्ष बनाया गया जिस पर वह 2021 तक रहे।
रणधीर ने 1987 में खेल प्रशासन में प्रवेश किया, जब उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का महासचिव नियुक्त किया गया और वह इस पद पर 2012 तक रहे। उन्हें 1987 में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के संचालन बोर्ड के सदस्य के रूप में भी नियुक्त किया गया और वह इस पद पर 2010 तक रहे। वह 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आयोजन समिति के उपाध्यक्ष भी थे। रणधीर को 1991 में ओसीए का महासचिव नियुक्त किया गया था और वह 2015 तक इस पद पर रहे। उसके बाद उन्हें आजीवन उपाध्यक्ष बनाया गया जिस पर वह 2021 तक रहे।
इसके बाद रणधीर को ओसीए का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। रणधीर 2001 से 2014 के बीच आईओसी के सदस्य भी रहे। फिर वह ओसीए के मानद सदस्य बने रहे। रणधीर से जब 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के भारत के सपने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि ओसीए की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी क्योंकि यह फैसला आईओसी द्वारा लिया जाएगा।