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राठौड़ पिता-पुत्र एक साथ होंगे भारतीय टीम में
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2013 10:31 PM IST
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एथेंस ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास बनाने वाले डबल ट्रैप शूटर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ शूटिंग में एक और नई इबारत लिखने जा रहे हैं। यह ऐसा कारनामा होगा जो पहले कभी इस खेल में नहीं हुआ। जी हां पिता राज्यवर्धन 13 साल के बेटे मानवदित्य राठौड़ के साथ भारतीय टीम के लिए खेलते नजर आएंगे। ट्रायल में दिखाए गए प्रदर्शन के आधार पर दोनों पिता पुत्र का भारतीय टीम में चयन पक्का हो चुका है।
राज्यवर्धन जहां पहले ट्रायल में 139 और नेशनल चैंपियनशिप में 144 का स्कोर करने के बाद पहले स्थान पर चल रहे हैं वहीं मानवदित्य अंडर-21 में 20 साल के सुशील शरण के बाद ट्रायल में दूसरे स्थान पर हैं। दोनों का ही इस सत्र के लिए चयनित होने वाली भारतीय टीम में चयन पक्का है।
राज्यवर्धन बेहद उत्साहित हैं। वह कहते हैं कि यह किसी भी मां-बाप के लिए गर्व की बात हो सकती है कि उनका बेटा इतनी छोटी उम्र में देश का प्रतिनिधत्व करेगा। इस साल जून में इटली और जर्मनी में होने वाले वर्ल्ड कप और अगस्त में लीमा (पेरू) में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में दोनों एक साथ देश के लिए खेलेंगे।
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राज्यवर्धन जहां सीनियर वर्ग में डबल ट्रैप में खेलेंगे वहीं मानवदित्य अंडर-21 में ट्रैप में खेलेंगे। राज्यवर्धन का कहना है कि बेटे को एक साथ खेलने का फायदा मिलेगा लेकिन उनसे ज्यादा वह दूसरे अन्य वरिष्ठ शूटरों को खेलते देखेगा। इससे उसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
राज्यवर्धन के मुताबिक उन्होंने 28 साल में शूटिंग शुरू की थी लेकिन मानवदित्य इतनी कम उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाने जा रहा है। यह उसके लिए और भी बेहतर है। इससे उसे तराशने का और मौका मिलेगा। राठौड़ बताते हैं कि उसने इस खेल को खुद अपनाया है और उन्होंने इसे बेटे पर थोपा नहीं है। वह लगन से इसे खेल रहा है। अपनी गलतियां खुद बताता है। उन्हें यह अच्छे संकेत लग रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि मानवदित्य 2020 ओलंपिक के लिए तैयार हो।
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राज्यवर्धन जहां पहले ट्रायल में 139 और नेशनल चैंपियनशिप में 144 का स्कोर करने के बाद पहले स्थान पर चल रहे हैं वहीं मानवदित्य अंडर-21 में 20 साल के सुशील शरण के बाद ट्रायल में दूसरे स्थान पर हैं। दोनों का ही इस सत्र के लिए चयनित होने वाली भारतीय टीम में चयन पक्का है।
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राज्यवर्धन बेहद उत्साहित हैं। वह कहते हैं कि यह किसी भी मां-बाप के लिए गर्व की बात हो सकती है कि उनका बेटा इतनी छोटी उम्र में देश का प्रतिनिधत्व करेगा। इस साल जून में इटली और जर्मनी में होने वाले वर्ल्ड कप और अगस्त में लीमा (पेरू) में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में दोनों एक साथ देश के लिए खेलेंगे।
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राज्यवर्धन जहां सीनियर वर्ग में डबल ट्रैप में खेलेंगे वहीं मानवदित्य अंडर-21 में ट्रैप में खेलेंगे। राज्यवर्धन का कहना है कि बेटे को एक साथ खेलने का फायदा मिलेगा लेकिन उनसे ज्यादा वह दूसरे अन्य वरिष्ठ शूटरों को खेलते देखेगा। इससे उसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
राज्यवर्धन के मुताबिक उन्होंने 28 साल में शूटिंग शुरू की थी लेकिन मानवदित्य इतनी कम उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाने जा रहा है। यह उसके लिए और भी बेहतर है। इससे उसे तराशने का और मौका मिलेगा। राठौड़ बताते हैं कि उसने इस खेल को खुद अपनाया है और उन्होंने इसे बेटे पर थोपा नहीं है। वह लगन से इसे खेल रहा है। अपनी गलतियां खुद बताता है। उन्हें यह अच्छे संकेत लग रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि मानवदित्य 2020 ओलंपिक के लिए तैयार हो।