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'T-20 क्रिकेट में बदलाव की जरूरत नहीं, एक ओवर में दो बाउंसर की अनुमति दे सकते हैं'
Thu, 08 Oct 2020 05:07 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 08 Oct 2020 05:07 PM IST
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बाउंसर के खिलाफ भारतीय कप्तान कोहली
- फोटो : ट्विटर
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि टी-20 क्रिकेट अच्छी स्थिति में है और इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है, लेकिन एक ओवर में दो बाउंसर की अनुमति दी जा सकती है। क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में बल्लेबाजों का दबदबा रहा है और सपाट पिचों पर गेंदबाजों के पास करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं होता।
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यह पूछने पर कि क्या गेंदबाजों पर से दबाव कम करने के लिए नियमों में बदलाव लाजमी है, गावस्कर ने यूएई से पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, 'टी-20 क्रिकेट बहुत अच्छी स्थिति में है और बदलाव की जरूरत नहीं है। यह बल्लेबाजों के अनुरूप है लिहाजा तेज गेंदबाजों को हर ओवर में दो बाउंसर डालने की अनुमति दी जा सकती है और बाउंड्री थोड़ी बड़ी होनी चाहिए।'
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गावस्कर ने कहा, 'पहले तीन ओवर में विकेट लेने वाले गेंदबाज को एक अतिरिक्त ओवर दिया जा सकता है, लेकिन इस प्रारूप में कोई बदलाव की जरूरत मुझे नहीं लगती।' नियमों के बारे में उन्होंने कहा कि टीवी अंपायर को यह जांचने का अधिकार होना चाहिए कि गेंदबाज के गेंद डालने से पहले सामने के छोर पर खड़ा बल्लेबाज क्रीज से बहुत बाहर तो नहीं आ गया है।
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गावस्कर ने कहा, 'ऐसा होने पर गेंदबाज उस बल्लेबाज को गेंद डालने से पहले रन आउट कर सकता है। टीवी अंपायर को लगता है कि 'नॉन स्ट्राइकर' छोर पर बल्लेबाज ज्यादा आगे आ गया है तो चौका होने पर भी एक रन काटने का दंड हो सकता है। उन्होंने कहा, 'टीवी अंपायर अब देख ही रहे हैं कि गेंदबाज ने क्रीज से बाहर आकर तो गेंद नहीं डाली यानी नोबॉल तो नहीं है। इसी तरह से नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज भी क्रीज से बाहर तो नहीं आया है, यह भी देखा जा सकता है।'
वह लगातार 'मांकडिंग' शब्द के प्रयोग का विरोध करते आये हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह भारत के महान क्रिकेटर वीनू मांकड़ का अपमान है। मांकड़ ने 1948 में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच एक टेस्ट के दौरान बिली ब्राउन को इसी तरह आउट किया था। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सर डॉन ब्रैडमेन ने कहा था कि मांकड़ अपनी जगह सही थे और नियमों के दायरे में ही उन्होंने ऐसा किया, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने उस विकेट को 'मांकडिंग' कहा।
गावस्कर ने कहा, 'पता नहीं खेल के मैदान पर इतने तथाकथित खेल भावना के विपरीत काम होते हुए भी इसी तरह के विकेट को नाम क्यो दिया गया। हम 'चाइनामैन' और 'फ्रेंच कट' के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात करते हैं तो इस शब्द का भी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।'
उन्होंने ऑफ स्पिनर आर अश्विन की तारीफ की जिन्होंने आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच के दौरान आरोन फिंच को क्रीज से बाहर निकलने पर चेतावनी दी, लेकिन यह भी कहा कि अगली बार वह रन आउट कर देंगे। उन्होंने कहा, 'अश्विन ने ऐसा करके कोच रिकी पोंटिंग के प्रति सम्मान जताया जो इस तरहके विकेट को लेकर नाराजगी जता चुके थे, इसके साथ ही उसने चेतावनी भी दे दी कि अब से कोई भी विकेट से बाहर निकलेगा तो वह रन आउट कर देंगे।'