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आईओए और खेल संघ नए स्पोर्ट्स कोड का करेंगे विरोध
Thu, 10 Oct 2019 02:48 AM IST
मुकेश कुमार झा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Thu, 10 Oct 2019 02:48 AM IST
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आईओए
नेशनल स्पोर्ट्स कोड का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकलने जा रहा है। खेल मंत्री किरण रिजिजू की ओर से शुक्रवार को 2017 के ड्राफ्ट स्पोर्ट्स कोड पर चर्चा करने के लिए सभी खेल संघों को बुलाया गया है। आईओए और खेल संघों ने इस स्पोर्ट्स कोड की खुलकर खिलाफत करने का फैसला किया है।
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दरअसल यह स्पोर्ट्स कोड लागू हुआ तो इस वक्त खेल संघों पर काबिज ज्यादातर पदाधिकारियों की छुट्टी हो जाएगी। अभिनव बिंद्रा की अगुआई वाली कमेटी, जिसमें खुद आईओए अध्यक्ष नरेंदर बत्रा शामिल थे की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट स्पोर्ट्स कोड में मंत्रियों और सरकारी नौकरों को खेल संघों से दूर रखने की सिफारिश की गई है। साथ ही पदाधिकारियों के अलावा सभी बोर्ड सदस्यों के कार्यकाल को इसमें शामिल किया जा रहा है। यही वजह है कि आईओए खेल मंत्री के समक्ष कोड को लागू करने का विरोध कर इसमें नए सिरे से संशोधन की मांग करेगा।
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आईओसी के चार्टर का उल्लंघन
नए ड्राफ्ट स्पोर्ट्स कोड में की गई सिफारिशों को आईओए सरकारी हस्तक्षेप मान रहा है। आईओए खेल मंत्री से कहेगा कि अगर इस कोड को लागू किया गया तो यह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) के चार्टर का उल्लंघन होगा। जिसके चलते आईओसी एक बार फिर आईओए को प्रतिबंधित कर सकता है।
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अब तक अध्यक्ष, सेक्रेटरी और ट्रेजरॉर को ही पदाधिकारी माना जाता है। इन्हीं पर कार्यकाल की शर्त लागू होती है। लेकिन ड्राफ्ट स्पोर्ट्स कोड में इनके अलावा कार्यकारिणी और बोर्ड सदस्यों पर कार्यकाल की शर्त लागू होगी। यह कार्यकाल पूर्ववर्ती समय से लागू होगा। नए कोड में कोई भी पदाधिकारी कार्यकाल खत्म होने पर नए कार्यकाल में अपने रिश्तेदार को नहीं खड़ा कर पाएगा। न ही एक समय में दो रिश्तेदार संघों में कार्य कर पाएंगे। आईओए और खेल संघ खेल मंत्री के समक्ष अध्यक्ष और सेक्रेटरी जनरल का कार्यकाल चार-चार करने के अलावा पदाधिकारियों की आयु 70 से 75 वर्ष करने की मांग करेंगे।