जकार्ता एशियन गेम्स में विनेश फोगाट ने इतिहास रच दिया। 50 किग्रा भारवर्ग का फाइनल अपना नाम करते हुए विनेश एशियाई खेलों की कुश्ती स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला बन गई। फोगाट परिवार से संबंध रखने वाली विनेश इस मुकाम तक संघर्ष के बाद पहुंची।
फाइनल में जापान की पहलवान यूकी ईरी को 6-2 से हराने वाली विनेश से 2016 ओलंपिक में भी देश को उम्मीदें थी। मगर चोटिल होकर वह 'खेलों के महाकुंभ' से बाहर हो गई। इसके बाद अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के बूते न सिर्फ हरियाणा की इस बेटी ने जोरदार वापसी की बल्कि 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीतकर देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
24 अगस्त 1994 को जन्मीं विनेश द्रोणाचार्य अवार्ड विजेता महावीर फोगाट की भतीजी और इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट-बबीता फोगाट की चचेरी बहन हैं। महावीर फोगाट के भाई राजपाल यानी विनेश के पिता की एक हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद महावीर फोगाट ने ही अपनी बेटियों के साथ विनेश और उसकी बहन प्रियंक को अपनाया और पहलवानी की ट्रेनिंग दी।
हाल ही में विनेश ने हंगरी में ट्रेनिंग ली है और इसी महीने, अगस्त में स्पैनिश ग्रैंड प्रिक्स जीता। उन्होंने पहली बार साल 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यहां 51 किलोग्राम वर्गभार में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।
दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड जीतने वाली गीता फोगाट की जिंदगी पर बॉलीवुड फिल्म भी बन चुकी है। जिसमें आमिर खान ने महावीर फोगाट की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में फोगाट परिवार के संघर्ष को बेहद करीब से दिखाया गया था।