फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दूध-घी को तरसने वाला पहलवान जीत लाया गोल्ड, बेबस पिता का सीना हुआ गर्व से चौड़ा

Mon, 20 Aug 2018 09:41 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 20 Aug 2018 09:41 AM IST
विज्ञापन
asian games 2018 gold medalist bajrang punia Bad financial condition
bajrang puniya - फोटो : pti

पहलवान बजरंग पूनिया ने जकार्ता एशियाई खेलों में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती भार वर्ग के फाइनल में उन्होंने जापान के तकातानी दाईची को 11-8 मात दी। इस जीत को हासिल करने के लिए बजरंग को थोड़ी मशक्कत जरूर करनी पड़ी, लेकिन पूरी बाउट में उन्होंने जबरदस्त आक्रामकता दिखाई।

asian games 2018 gold medalist bajrang punia Bad financial condition
बजरंग पूनिया

गोल्डकोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदकधारी बजरंग को इस वर्ग में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अपनी स्वर्ण पदक बाउट से पहले बजरंग ने उज्बेकिस्तान के खासानोव सिरोजिद्दीन (13-3), ताजिकिस्तान के फेजिएव अब्दुलकोसिम (12-2) और मंगोलिया के बातचुलुन्न बातमागनाई (10-0) को हराकर गोल्ड पर कब्जा जमाया।

asian games 2018 gold medalist bajrang punia Bad financial condition
bajrang puniya - फोटो : pti

बता दें कि बजरंग पूनिया वही पहलवान है, जिन्होंने इसी साल ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पुरुषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग गोल्ड दिलाया था। इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ खेलों में सिल्वर मेडल जीता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुश्किलों से लड़कर बने पहलवान

asian games 2018 gold medalist bajrang punia Bad financial condition
bajrang punia

देश के गोल्ड ब्वॉय बजरंग पूनिया को कुश्ती विरासत में मिली है। उनके पिता बलवान पूनिया भी एक पहलवान थे, लेकिन पैसों तंगी और खराब हालातों के चलते उन्हें कभी खुद को साबित करने का मौका नहीं मिला। परिवार के खस्ता हालात तब भी बरकरार रहे जब बजरंग पहलवानी सीख रहे थे, लेकिन पिता ने अपनी तरह बेटे के अरमानों को बलि नहीं चढ़ने दी।

विज्ञापन
asian games 2018 gold medalist bajrang punia Bad financial condition
बजरंग पूनिया

ऐसा बताया जाता है कि बजरंग के पिता ज्यादा रुपया खर्च न हो इसलिए बस या ऑटो की जगह साइकिल से सफर तय करते थे। यह पैसा वह सिर्फ इसलिए बचाते थे ताकि पहलवानी सीख रहे बजरंग को अच्छी डाइट मिल सके। बजरंग को घी और दूध समय पर मिल, इसके लिए परिवार ने कई सालों तक अपने हालातों से समझौता किया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed