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अब टैक्स के दायरे में होगी फार्मूला वन रेस
लखनऊ/शैलेंद्र श्रीवास्तव
Updated Wed, 23 Jan 2013 10:16 PM IST
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उत्तर प्रदेश में होने वाली कारों की दौड़ यानी फार्मूला वन रेस को टैक्स के दायरे में लाने की तैयारी है। इस रेस को मनोरंजन कर के दायरे में लाने से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये टैक्स के रूप में मिलेंगे। वर्ष 2011 में तत्कालीन मायावती सरकार ने इस रेस को मनोरंजन कर से मुक्त कर दिया था। नगर विकास मंत्री मो. आजम खां की अध्यक्षता में आय संसाधनों की बढ़ोतरी के लिए गठित समिति ने यह संस्तुति राज्य सरकार से की है। इस सुझाव के आधार पर मनोरंजन कर विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
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ग्रेटर नोएडा में जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल लि. ग्रैंड प्रिक्स ऑफ इंडिया फार्मूला वन रेस आयोजित कराता है। इस रेस की शुरुआत दो वर्ष पहले हुई। उस समय तत्कालीन मायावती की सरकार ने 27 जून 2011 को इस रेस को मनोरंजन कर से मुक्त रखने का फैसला किया। समिति का मानना है कि लोगों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने वाले सामान और स्थान को कर के दायरे में होना चाहिए।
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समिति ने संस्तुति की है कि माया सरकार द्वारा दी गई छूट का समाप्त ही नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि विगत वर्ष में फार्मूला वन रेस से जितनी भी आय हुई है, उसका पूरा ब्योरा प्राप्त कर उस पर ‘देय कर’ पूर्व तिथि से लिया जाना चाहिए। टैक्स का निर्धारण मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों में देय मनोरंजन कर में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देते हुए इसके आधार पर किया जाना चाहिए। समिति ने मनोरंजन कर विभाग से यह भी पूछा है कि उसे यह भी जानकारी दी जाए कि पूर्व में आयोजित रेस एवं आगे के वर्षों में होने वाली इन रेसों से राज्य सरकार को कितना राजस्व प्राप्त होगा।
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